मुंबई से लखनऊ के सफर में शुरू हुआ गैंगस्टर Abu Salem का नया इश्क

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मुंबई से लखनऊ के सफर में शुरू हुआ गैंगस्टर Abu Salem का नया इश्क

Abu Salem और बहार की सीट आमने-सामने थी। हथकड़ी देखकर दिल में विचार आया कि आखिर क्या गुनाह किया होगा। वजह जानने के लिए सवाल दागा तो अबू सलेम अपने किस्से बताता चला गया। अबू की जिंदगी का रोमांच ऐसा मजेदार लगा कि सफर खत्म होने से पहले एक नया सफर शुरू हो चुका था। अब अबू की जिंदगी में बहार कौसर की इंट्री हो चुकी थी।  

लखनऊ. मुंबई बम धमाकों के गुनाहगार कुख्यात अंडरवल्र्ड डॉन दाउद इब्राहिम के दाहिनी हाथ और शार्प शूटर अबू सलेम नई आशिकी को लेकर चर्चा में है। उम्रकैद की सजा काट रहे अबू सलेम ने खुद से 20 साल छोटी लडक़ी से निकाह करने की इच्छा जताई है। Abu Salem के वकील ने निकाह के लिए अस्थाई जमानत या पैरोल देने की गुजारिश करते हुए मुंबई हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसी दरम्यान मालूम हुआ है कि अबू सलेम की नई प्रेम कहानी एक सफर के दौरान शुरू हुई थी। 22 घंटे का यह सफर था मुंबई से लखनऊ का, पुलिस के सख्त पहरे में लखनऊ में एक मामले की पेशी में लाते वक्त अबू सलेम के सामने वाली सीट पर बैठी २३ साल की लडक़ी से आंख क्या लड़ी, जिंदगी साथ गुजारने का फैसला सफर गुजरने से पहले तय कर लिया। 

कॉलेज गर्ल को धमकाकर बनाया था पहली बीवी

अंडरवल्र्ड की चर्चा पर यकीन करें तो अबू सलेम दिलफेंक किस्म का बदमाश है। दाउद की संगत के दौरान उसके तमाम महिलाओं के साथ संबंध रहे, लेकिन तीन महिलाओं ने बीवी-प्रेमिका बनकर सलेम की जिंदगी में खासा दखल रखा। अव्वल अबू सलेम ने 1991 में समीरा जुमानी से निकाह किया था। कहते हैं कि उस वक्त समीरा एक कॉलेज गर्ल थी और अबू सलेम ने उसके साथ जबरन निकाह रचाया था। बहरहाल समीरा जुमानी से अबू सलेम को बच्चों का पिता बना। वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाकों में नाम आने के बाद अबू सलेम भारत छोडक़र भागा और इसी के साथ उसने समीरा को भी छोड़ दिया। अब अबू सलेम की जिंदगी में नई इंट्री थी फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी। मोनिका और अबू ने शादी बगैर लिव इन रिलेशन में रहना कबूल किया और दोनों को वर्ष 2002 को पुर्तगाल में गिरफ्तार कर लिया गया। करीब तीन साल बाद 2005 में अबू को प्रत्यपर्ण संधि के जरिए भारत लाया गया। अब उसके एक नए रिश्ते का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई में रहने वाली सैय्यद बहार कौसर ने अबू सलेम को अपना शौहर मानकर निकाह करने का ऐलान किया है और अबू ने भी निकाह के लिए पेरौल मांगी है। 

लखनऊ के सफर से जिंदगी में तीसरी औरत दाखिल

फिलहाल 46 साल के अबू सलेम से उसकी मंगेतर 20 साल छोटी है। सैय्यद बहार कौसर के बारे में बताया जाता है कि वह अपने रिश्तेदार से मिलने एक सहेली के साथ लखनऊ के सफर में थी। ट्रेन के इसी कोच में आठ वर्दीधारी एक हैंडसम कैदी को लेकर दाखिल हुए। हथकड़ी में जकड़ा यह कैदी था अंडरवल्र्ड डॉन अबू सलेम। इत्तेफाक से अबू और बहार की सीट आमने-सामने थी। कौसर बताती हैं कि हथकड़ी देखकर दिल में विचार आया कि आखिर इस व्यक्ति ने क्या गुनाह किया होगा। कुछ देर की चुप्पी के बाद वजह जानने के लिए सवाल दागा तो अंडरवल्र्ड की कहानी सामने आई। पुलिस वाले चुप थे और अबू सलेम अपने किस्से बताता चला गया। अबू की जिंदगी का रोमांच ऐसा मजेदार लगा कि सफर खत्म होने से पहले एक नया सफर शुरू हो चुका था। अब अबू की जिंदगी में बहार कौसर की इंट्री हो चुकी थी।  

बहार कौसर ने रिश्तों की तोहमत मुंबई के अखबार पर मढ़ी

बहार कौसर ने वर्ष 2015 में अदालत में अर्जी देकर अबू सलेम से निकाह के लिए इजाजत मांगी थी। अब अबू ने भी बहार कौसर से निकाह के बहाने पेरौल की इच्छा जताई है। मुंबई की टाडा कोर्ट को अबू सलेम की अर्जी पर फैसला करना है। अबू सलेम का कहना है कि उसे रजिस्ट्रार के दफ्तर जाकर शादी की रस्म अदा करनी है। सलेम ने अपनी वकील फरहाना शाह के जरिए दाखिल अर्जी में मुंबई और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए दावा किया है कि दोषियों को शादी करने के लिए इस तरह की राहत मिलती रही है। उधर, बहार कौसर के परिवार का कहना है कि वह भी सलेम के साथ अपनी बिटिया की शादी करना चाहते हैं। कारण बताया कि वर्ष 2015 में मुंबई के स्थानीय टैबलॉयड अखबार ने अबू के साथ कौसर के तथाकथित फोन पर निकाह की खबर के साथ तस्वीर को छाप दिया था। ऐसे में अब कोई दूसरा परिवार बहार कौसर का हाथ थामने के लिए तैयार नहीं है। 

सलेम के बिजनेस को संभालती है उसकी नई बेगम

अबू सलेम की मंगतेर सैय्यद बहार कौसर अबू के मामलों की सुनवाई के दौरान अक्सर टाडा कोर्ट में देखी जाती है। बहार कौसर ही मुंबई में अबू के नाममात्र के बचे-खुचे 'बिजनेस' को संभालती है। दोनों की मुलाकात सिर्फ कोर्ट में सुनवाई के दौरान होती है। गौरतलब है कि यूपी के आजमगढ़ के सरायमीर गांव से पैतृक रिश्ता रखने वाला अबू सलेम के पिता वकील थे। पिता की मृत्यु के बाद अबू ने आजमगढ़ में मोटर मैकेनिक का काम शुरू किया, लेकिन जल्द ही दिल्ली जाकर टैक्सी ड्राइवर बन गया। दिल्ली से अबू की किस्मत उसे मुंबई लेकर पहुंची, जहां वह दाउद का ड्राइवर बन गया। ड्राइवर से हथियारों का सप्लायर और फिर शार्प शूटर बनने वाला अबू अंडरवल्र्ड में तेजी के साथ आगे बढ़ता गया। 

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