इंटरव्यू: अखिलेश के आस-पास चटुकारों की फौज, हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी है: अफजल अंसारी

Prashant Srivastava

Publish: Feb, 17 2017 04:50:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
इंटरव्यू: अखिलेश के आस-पास चटुकारों की फौज, हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी है: अफजल अंसारी

कौमी एकता दल के पार्टी अध्यक्ष अफजल अंसारी की मानें तो सेकुलर वोट सही जगह पर जाए इसलिए उन्होंने बीएसपी में विलय किया।

लखनऊ. एक वक्त पर कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय होने वाला था लेकिन बात नहीं बन पाई।वहीं दूसरी तरफ बीएसपी से बात बन गई। पार्टी अध्यक्ष अफजल अंसारी की मानें तो सेकुलर वोट सही जगह पर जाए इसलिए उन्होंने बीएसपी में विलय किया। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में उन्होंने तमाम बातें शेय़र कीं-

सवाल- समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल का विलय होने वाला था, फिर अचानक से क्या हुआ कि सब गड़बड़ हो गया?

जवाब- अखिलेश अपने वादे से पीछे हट गए, जबकि पहले उन्होनें हमारे मन मुताबिक सीटें देने की हामी भरी थी। इन सब के बावजूद निजी तौर पर मुलायम और अखिलेश से कोई शिकवा नहीं। हमें बीएसपी ने तीन सीटें दी और इज्जत से हमें बुलाया। मुलायम सिंह से हमारे संबंध अच्छे हैं क्योंकि उन्होंने मुसलमानों का भरोसा जीत रखा है। वे सेकुलर व्यक्ति हैं। वहीं अखिलेश के आस-पास कुछ चापलूसों की टोली है।

सवाल- मायावती कैसी हैं, क्या वो अखिलेश से ज्यादा सेकुलर हैं?

जवाब- सपा सरकार के शासन में साल 2012 से अब तक 450 से ज्यादा दंगे हुए हैं। जबकि मायावती के शासन में सभी दंगाई जेल में होते थे। उस दौर में जब वरुण गांधी ने जहरीले बोल बोले थे तो उन्हें भी बहनजी ने जेल भिजवाया था।  बहनजी के दौर में कानून व्यवस्थी भी ज्यादा मजबूत थी।

सवाल- ऐसी भी चर्चा है कि मायावती चुनाव के बाद बीजेपी से गठबंधन कर सकती हैं। इसके अलावा उन पर टिकट बेचने के भी आरोप लगे हैं।

उत्तर- मायावती ने साफ किया है कि वह बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेंगी चाहे विपक्ष में क्यों न बैठना पड़े। हमें पूरा भरोसा है कि वह बीजेपी के साठ गठबंधन नहीं करेंगी। रही बात पैसे लेकर टिकट देने की तो हमने एक रुपये उन्हें नहीं दिया। वहीं बीएसपी ही ऐसी पार्टी है जिसे कॉरपोरेट से फंड नहीं मिलता।

सवाल- सपा-कांग्रेस गठबंधन क्या यूपी में राजनीति के समीकरण बदलेगा?

जवाब- इस गठबंधन से दोनों पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हैं। शिवपाल और मुलायम के करीबी अखिलेश के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। ऐसे में पार्टी की हालत खराब है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी सीनियर नेताओं को साइड लाइन कर रखा है। मेरी बात लिख कर रख लीजिए चुनाव के बाद अमित शाह को भी साइडलाइन कर दिया जाएगा।

सवाल- बीएसपी को कितनी सीटें मिलने का अंदाजा है आपको?
जवाब- जहां तक पूर्वांचल का सवाल है तो वहां पिछली बार बीएसपी ने 40 में से पांच सीटें जीती थीं लेकिन इस बार मुझे अंदाजा है कि 30 सीटों से अधिक सीटें बीएसपी को मिलेंगी।

सवाल- मुख्तार अंसारी को माफिया डॉन कहा जाता है, इस पर आपकी क्या है टिप्पणी?

जवाब- कुछ विऱधियों और मीडिया ने उनकी ऐसी छवि बना दी है। कुछ विरोधी हमारी पॉपुलैरिटी से चिढ़ते हैं। यही कारण है वह छवि खराब करने में लगे रहते हैं। पूर्वांचल में लोग मुख्तार को माफिया नहीं मसीहा कहते हैं। हमारे 18 पूर्वज अंग्रेजों से लड़ाई में जेल गए थे। 1927 में हमारे पूर्वज मुख्तार अहमद अंसारी कांग्रेस के प्रेसिडेंट चुने गए थे।

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