वो पांच योजनाएं जिसने बचा ली मोदी की साख

Madhukar Mishra

Publish: May, 20 2017 06:26:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
वो पांच योजनाएं जिसने बचा ली मोदी की साख

मोदी सरकार की वो योजनाएं जो जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं पर खरी उतरने में कामयाब हुईं

— मधुकर मिश्र

लखनऊ। भााजपा के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किसी चक्रव्यूह से कम नहीं था। 2019 की चुनावी महाजंग के लिए इसे सेमीफाइनल माना जा रहा था। यह महज इत्तफाक है कि यूपी में मिली प्रचंड जीत के बाद भाजपा नीत राजग सरकार अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाने जा रही है। ऐसे में इन तीन सालों में जनता की जिन आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और विकास के दावों पर खरी उतरने में कामयाब हुई उनसे जुड़ी योजनाओं का जिक्र करना जरूरी हो जाता है। 

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1. उज्जवला ने जलाई जीत की लौ 

उत्तर प्रदेश में मिली प्रचंड जीत के सबसे ज्यादा श्रेय जिस योजना को दिया गया वह 'उज्ज्वला योजना' है। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो के साथ न सिर्फ यूपी में बल्कि देश के तमाम राज्यों के पेट्रोल पंपों पर प्रचारित किया गया। खुद मोदी जहां-जहां रैली करने गए उन्होंने इसका जमकर गुणगान किया। यूपी में चुनावी कामयाबी का फॉर्मूला बनी 'उज्ज्वला योजना' के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। वैसे तो इस योजना के तहत पूरे देश में गरीबों को गैस सिलिंडर बांटे गए, लेकिन ज्यादा जोर उत्तर प्रदेश में था। पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में अभी तक सबसे ज्यादा 56.05 लाख कनेक्शन दिए गए हैं। नतीजतन इस राज्य के 75 फीसद घरों में एलपीजी पहुंच गई है। योजना के तहत बांटे गए मुफ्त गैस सिलिंडर से गरीब परिवारों की जिंदगी में बदलाव भी साफ नजर आता है। बड़ी संख्या में परिवार की महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव से करीब 1 साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। जिसके तहत गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले पांच करोड़ परिवारों को तीन साल के भीतर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सपने को पूरा करने के लिए विज्ञापनों के जरिये आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को अपनी गैस सब्सिडी छोड़ने का आग्रह भी किया था। 
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2. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ 

हरियाणा के पानीपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को की गई। इस योजना के तहत न सिर्फ कन्या भ्रूण हत्या को रोकना बल्कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 100 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि‍ के साथ यह योजना देशभर के 100 जिलों में शुरू की गई। इसका लक्ष्य लड़कियों को पढ़ाई के जरिए सामाजिक और वित्तीय तौर पर आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तर प्रदेश में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना को प्रोत्साहित करने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए योगी सरकार भी एक नई योजना लाने जा रही है। ‘भाग्यलक्ष्मी योजना’ के तहत गरीब परिवार में बेटी का जन्म होने पर 50 हजार का बॉन्ड और मां को 51,00 रुपये मिलेंगे। यूपी के महिला कल्याण विभाग ने इस योजना को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है। निश्चित तौर पर इस योजना का लाभ गरीबी रेखा से नीचे गुजर—बसर करने वाले परिवारों को मिलेगा। साथ ही साथ उन्हें भी जिनकी सालाना आय 2 लाख रुपये हैं। 

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3. सुकन्‍या समृद्धि योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को शुरु की गई सुकन्या समृद्धि योजना लड़कियों के लिए वरदान साबित हो रही है। दरअसल यह 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना का ही विस्‍तार है, जिसका मकसद बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है। इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म लेने के बाद या फिर दस साल से कम उम्र की बालिकाओं का खाता किसी भी डाकघर में खोला जा सकता है। खाता कम से कम एक हजार रुपये जबकि अधि‍कतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। इसमें बेटी के नाम से बैंक खाता खोलने पर सबसे अधिक 9.2 फीसदी का ब्‍याज दर मिलता है। साथ ही साथ इनकम टैक्‍स में छूट मिलती है सो अलग। यही कारण है कि सूबे के तमाम जिलों में अभिभावक अपनी बच्चियों का भविष्य इस योजना के जरिए सुरक्षित करा चुके हैं। सुकन्या समृद्धि योजना का खाता किसी भी डाकघर में खोला और देश के किसी डाक घर में स्थानांतरित किया जा सकता है। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को सूबे में सुचारू रूप से लागू करने के लिए डाक विभाग को खाता खुलवाने के लिए गांव-गांव शिविर लगाने के आदेश मिले हैं।


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4. स्टैंड अप इंडिया स्कीम

उत्तर प्रदेश विधानसभ चुनाव में मिली प्रचंड जीत के साफ मायने हैं कि समाज के सभी तबके से उसे वोट मिला है। इसके लिए मोदी सरकार ने चुनाव से पहले ही रूपरेखा तैयार कर ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रेल 2016 को नोएडा में स्टैंड अप इंडिया योजना की शुरुआत की। स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत दलित और महिलाओं को व्यापार के लिए 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक का कर्ज मिलेगा। मोदी सरकार की इस योजना को लेकर उद्यमी वर्ग में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मोदी ने इस योजना की शुरुआत करते समय कहा था कि स्टैंड अप इंडिया से लोग जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बन जाएंगे। मोदी सरकार का इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के 2.5 लाख उद्यमी तैयार करना है। हालांकि मोदी सरकार की इस योजना को दलितों को लुभाने के तौर पर भी देखा गया। 


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5. जनधन से जुड़ा जनमन

एक दौर में जब बैंक में खाता खुलवाने के लिए आम आदमी को न जाने कितने चक्कर लगाने पड़ते थे उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक झटके में आसान बनाने का काम किया। प्रधानमंत्री जनधन योजना से शून्य बैलेंस पर खाते खोले गए और गरीबों को उनको मिलने वाली योजना का पैसा सीधे उनके खाते में भेजा जाने लगा। इस कार्यक्रम के शुरू होने के पहले दिन ही डेढ़ करोड़ बैंक खाते खोले गए थे और हर खाता धारक को 1,00,000 रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया गया। इस सुविधा का लाभ उठाने वालों में बड़ी तादाद में ऐसे लोग शामिल थे जो पहली बार बैंकिंग सेवा से जुड़े। इस योजना के तहत अब तक 28.52 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। साथ ही इसके तहत अब तक 22.18 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

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