बार बार चुनाव हारने वाले राम नाथ कोविन्द अब राष्ट्रपति बनने को तैयार

Anil Ankur

Publish: Jun, 19 2017 06:10:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
बार बार चुनाव हारने वाले राम नाथ कोविन्द अब राष्ट्रपति बनने को तैयार

 तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बन गए थे रामनाथ कोविन्द


लखनऊ। भाजपा के उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविन्द भले ही राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे हों, पर उनका इतिहास रहा है कि वे चुनाव हारते रहे हैं। वे विधानसभा और लोकसभा दोनो चुनाव हारे हैं। अब वे राष्ट्रपति का चुनाव लडऩे जा रहे हैं। 

राम नाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था। कोविन्द का सम्बन्ध कोरी जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति में आता है। वकालत की उपाधि लेने के बाद वे सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में वकालत करने लगे। वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये। वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के निर्वाचित हुए। सन  2000 में पुन: उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा  के लिए निवाज़्चित हुए। इस प्रकार कोविन्द लगातार 12 साल तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे। अब राज्यपाल के रूप में बिहार में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। 

श्री कोविन्द जब दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय में वकालत कर रहे थे तो उनकी मुलाकात वहां 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बन गए थे। इसके बाद वे भाजपा के सम्पर्क में आए और  भाजपा की टिकट  से भोगनीपुर विधानसभा का चुनाव 1997 में लड़े लेकिन वे हार गए। इसके  बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वे लोकसभा का चुनाव 2005 में लड़े लेकिन वह भी वे हार गए। अब वे देश का सबसे बड़ा चुनाव राष्ट्रपति के पद के लिए लडऩे जा रहे हैं। 

रामनाथ कोविन्द चुनाव भले न जीत पाए हों, लेकिन आईएएस की परीक्षा में सफलता जरूर हासिल कर ली थी। आईएएस के तीसरे प्रयास में वे सफल हुए थे।  लेकिन उनके प्रयास  इस बात को साबित करते हैं कि कोशिश करते रहो, सफलता जरूर मिलेगी।

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