राष्ट्रपति उमीदवार नहीं गूगल पर छाई है रामनाथ कोविंद की जाति

Santoshi Das

Publish: Jun, 20 2017 11:32:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
राष्ट्रपति उमीदवार नहीं गूगल पर छाई है रामनाथ कोविंद की जाति

देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं रामनाथ कोविंद जिनकी जाती गूगल पर सर्च की जा रही है

लखनऊ.देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं रामनाथ कोविंद जिनकी जाती गूगल पर सर्च की जा रही है। दरअसल इस बार राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने यूपी से दलित चेहरा रामनाथ कोविंद के नाम का ऐलान कर सबको चौंका दिया। दरअसल बिहार के राजयपाल रामनाथ कोविंद के नाम का जैसे ही ऐलान हुआ तबसे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च होने वाली चीज़ उनकी जाती है।


आपको बता दें की देश का हर दूसरा व्यक्ति राष्ट्रपति उम्मीदवार की जाती गूगल पर सर्च करने में लगा हुआ है। गूगल सर्च के मुताबिक़ सबसे ज्यादा लोगों ने रामनाथ कोविंद की कास्ट को जाना चाह रहे है। लोगों ने रामनाथ कोविंद, राम नाथ कोविंद बिहार गवर्नर लिखकर  सर्च किया। उनकी जाति के साथ ही उनकी शादी के बारे में भी लोगों ने सर्च किया।

जानें रामनाथ कोविंद के बारे में

रामनाथ कोविंद कानपुर देहात के दलित वर्ग का नेतृत्व करते हैं। दो बार राज्य सभा सांसद रहे कोविंद पार्टी के अनुसूचित जाती और जनजाति मोर्चे के अध्यक्ष भी रह चुके हैं


राजनीति में थे मगर कभी नहीं रहे विवादों में
रामनाथ कोविंद राजनीति में हैं लेकिन फिर भी उनके नाम पर कभी कोई विवाद नहीं रहा। यही वजह है की राजनैतिक रूप से स्वच्छ छवि वाले इस राजनेता को रायसीना हिल्स भेजने की तैयारी हो रही है। पढ़े लिखे दलित नेता कोविंद भारती प्रशासनिक सेवा में अफसर बनने का अवसर पा चुके कोविंद दो बार राजयसभा के सदस्य होने और तमाम राजनैतिक पदों पर रहने के के बाद भी विवादों में नहीं रहे।
 
यूपी से पहले राष्ट्रपति
यूपी के कोविंद का विरोध समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह के साथ-साथ अखिलेश भी करने की हालत में नहीं है। अखिलेश के करीबी सांसद का मानना है कि कोविंद का विरोध पार्टी नहीं करेगी। असली सहमति-असहमति बसपा की मायावती की होगी। उनकी मजबूरी विरोध होगा, ऐसा कहा नहीं जा सकता। दलित विरोधी ठप्पे से मायावती कैसे बचेंगी यह देखना होगा। कोविंद के होने से सबसे ज्यादा नुकसान भी मायवती के वोट बैंक को होगा। कांग्रेस दुविधा में हैं।



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