scriptPrivate schools are charging ten times the amount of books | निजी स्कूल दस गुना अधिक वसूल रहे पुस्तकों की राशि | Patrika News

निजी स्कूल दस गुना अधिक वसूल रहे पुस्तकों की राशि

जिला मुख्यालय समेत जिले में अन्य स्थानों पर निजी विद्यालयों संचालकों ने अभिभावकों की जेब पर डाका डालने का खेल शुरू कर दिया है।

जयपुर

Published: April 19, 2016 03:57:16 am

जिला मुख्यालय समेत जिले में अन्य स्थानों पर निजी विद्यालयों संचालकों ने अभिभावकों की जेब पर डाका डालने का खेल शुरू कर दिया है। 

अभिभावकों को पुस्तकों के साथ ही अन्य शिक्षण सामग्री बाजार से कई गुना अधिक दर पर उपलब्ध करवाई जा रही है। अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई की खातिर लूटने को मजबूर है। 
जिले में कुछ सीबीएसई व शिक्षा विभाग राजस्थान से सम्बद्ध कुछ अंग्रेजी माध्यम के निजी विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। यहां हर साल अभिभावकों की जेब पर कैंची चलाने का काम खुलेआम होता है। 
शिक्षा विभाग व प्रशासन के अधिकारी भी इस बात को जानते है, लेकिन उन्हें हर बार शिकायत का इंतजार रहता है। निजी विद्यालयों की ओर से बाजार में खुले आम चल रहे इस खेल को देखकर अधिकारी आंखे मूंद कर बैठ जाते है। 
जिला मुख्यालय पर सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों को जो पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा रही है। उसके लिए अभिभावकों से पन्द्रह सौ रुपए से लेकर तीन हजार रुपए तक वसूल किए जा रहे है। 
यह राशि केवल पाठ्यपुस्तकों की ली जा रही है। वहीं कोपी व अन्य शिक्षण सामग्री की राशि अलग से ली जा रही है। आरटीई के तहत स्कूलोंं में शिक्षण सामग्री बेचने पर सख्ती के चलते इस बार निजी विद्यालय संचालकों ने नया तरीका इजाद किया है। 
उन्होंने बाजार में पुस्तक विक्रेताओं को कमीशन पर स्कूल की पुस्तकें बेचने के लिए उपलब्ध करवाई है। 

रेट में दस गुना अन्तर

एनसीईआरटी की ओर से निर्धारित प्रकाशकों की ओर उपलब्ध सीबीएसई पाठ्यक्रम की पुस्तकों व निजी विद्यालयों की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही अन्य प्रकाशक की पुस्तकों की रेट में दस गुना तक का अंतर है। 
बाजार में एनसीईआरटी की पहली कक्षा की सभी पुस्तकों का मूल्य करीब दो सौ रुपए ही है। वहीं निजी विद्यालय की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही इसी कक्षा की पुस्तकों का मूल्य करीब पन्द्रह सौ से दो हजार रुपए तक है। 
ऐसे में अन्य प्रकाशक की पुस्तकें उपलब्ध करवा कर अभिभावकों को खुलेआम लूटा जा रहा है।

आपसी मिलीभगत

शहर में संचालित निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी दुकानें कमीशन पर तय कर रखी है। स्टेशनरी विक्रेता को निजी स्कूल संचालक की ओर से पुस्तकें व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। 
उस दुकानदार को पुस्तकें व सामग्री बेचने के लिए एक निश्चित कमीशन तय कर दिया जाता है। वह दुकानदार अभिभावकों को स्कूल की पर्ची व मांग पर कोर्स व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाता है। 

एक ही दुकान से खरीदने की मजबूरी
निजी विद्यालयों की ओर से बाजार में पुस्तकें बेचने के लिए दुकानें तय कर रखी है। जिस स्कूल में बच्चा पढ़ता है, उस स्कूल संचालक की ओर से अभिभावक को दुकान का पता बता दिया जाता है। 
अभिभावक को उस स्कूल से संबंधित पुस्तकें व अन्य सामग्री उसी दुकानदार पर मिलेगी। उसके अलावा अभिभावक भले ही पूरा शहर घूम ले, उसे वो पुस्तकें अन्य जगह नहीं मिलेगी।

स्कूल संचालक नहीं कर सकते बाध्य
 निजी स्कूल संचालक अभिभावकों को किसी एक ही दुकान विशेष से पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते है। इस बारे में शिकायत मिलने पर संबंधित विद्यालय संचालक के खिलाफ आरटीई के नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
-सैय्यद अली सैय्यद

 जिला शिक्षा अधिकारी(प्रारंभिक) जालोर 

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

IPL 2022 MI vs SRH Live Updates : रोमांचक मुकाबले में हैदराबाद ने मुंबई को 3 रनों से हरायामुस्लिम पक्षकार क्यों चाहते हैं 1991 एक्ट को लागू कराना, क्या कनेक्शन है काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और शिवलिंग...जम्मू कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों ने शराब की दुकान पर फेंका ग्रेनेड,3 घायल, 1 की मौतमॉब लिंचिंग : भीड़ ने युवक को पुलिस के सामने पीट पीटकर मार डाला, दूसरी पत्नी से मिलने पहुंचा थादिल्ली के अशोक विहार के बैंक्वेट हॉल में लगी आग, 10 दमकल मौके पर मौजूदभारत में पेट्रोल अमेरिका, चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका से भी महंगाकर्नाटक के राज्यपाल ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक को दी मंजूरी, इस कानून को लागू करने वाला 9वां राज्य बनाSwayamvar Mika Di Vohti : सिंगर मीका का जोधपुर में हो रहा स्वयंवर, भाई दिलर मेहंदी व कॉमेडियन कपिल शर्मा सहित कई सितारे आए
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.