अब और बेहतरीन हुई हल्दी, सीमैप ने किसानों के लिए तैयार की नई प्रजाति

Santoshi Das

Publish: Feb, 16 2017 03:12:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
अब और बेहतरीन हुई हल्दी, सीमैप ने किसानों के लिए तैयार की नई प्रजाति

सीमैप के वैज्ञानिक संजय कुमार ने बताया की संस्थान द्वारा तैयार की गई नई वेराइटी कई मायनों में किसानों के लिए ख़ास है

लखनऊ.देश में उगने वाली हल्दी अब पूरी दुनिया को लाभ पहुंचाएगा। दरअसल हल्दी का लाभ लोगों को ज्यादा से ज्यादा मिल सके इसके लिए सीमैप ने 'सिम पीतांबर' नामक हल्दी की नई प्रजाति विकसित की है।

दरअसल दुनिया भर में हल्दी की काफी मांग है। हल्दी का पौधा भारत से ही पूरे देश में गया।केंद्रीय औषधीय एवं सगंध अनुसन्धान संस्थान (सीमैप) ने हल्दी की नई किस्म की प्रजाति विकसित की। पूरे देश में लगभग दो लाख हेक्टेयर के क्षेत्रफल में किसान हल्दी की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। इसकी मांग पूरे देश में साल भर बनी रहती है।

सीमैप के वैज्ञानिक संजय कुमार ने बताया की संस्थान द्वारा तैयार की गई नई वेराइटी कई मायनों में किसानों के लिए ख़ास है। इस हल्दी में पहले से ज्यादा औषधीय गुण तो है ही साथ ही यह किसानों के लिए एक बेहतर फसल होगी। उन्होंने बताया की हल्दी की खेती देश में 150000 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में की जाती है। इस तरह तीन मिलियन टन तक हल्दी उत्पादन देश में किया जाता है।इसकी कीमत 150 करोड़ रूपए है। देश के दक्षिण भागों में इसकी खेती ज्यादा होती है।

इसलिए है यह बेहतर किस्म

सीएसआईआर की ओर से विकसित की गई इस किस्म की खेती से किसान एक हेक्टेयर से लगभग 65 टन हल्दी (कंद) का उत्पादन कर सकता है। इसके साथ ही जहां अन्य किस्मों में फसल तैयार होने में सात से नौ महीने लग जाते हैं, वहीं इससे किसान केवल पांच से छह महीने में ही उत्पादन तैयार कर सकता है। इसके साथ ही इसमें कीटों के प्रकोप से भी बचा जा सकता है। इस किस्म के पौधों की पत्तियों पर धब्बा रोग किसी भी तरह से फसल को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है।

हल्दी के औषधीय गुण

चोट में लाभदायक
सर्दी जुखाम में फायदेमंद
हड्डियां मजबूत करता है
अनिद्रा बीमारी में
पाचन तंत्र बेहतर बनाता है

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