अगले साल इलाहाबाद में अर्द्धकुम्भ, तैयारी में खर्च होंगे साढ़े तीन हजार करोड़ रूपए 

Anil Ankur

Publish: Apr, 21 2017 08:07:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
अगले साल इलाहाबाद में अर्द्धकुम्भ, तैयारी में खर्च होंगे साढ़े तीन हजार करोड़ रूपए 

ऐसी होगी व्यवस्था तीर्थ यात्री ज्यादा न चलें पैदल ---सीएम बोले सभी तैयारियां अक्टूबर 2018 तक पूरा किया जाए 


लखनऊ । अध्र्द कुम्भ मेला अगले साल होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयाग में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित सभी तैयारियों को प्रत्येक दशा में अक्टूबर 2018 तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि तीर्थ यात्रियों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े। 
मुख्यमंत्री षुक्रवार को यहां शास्त्री भवन में अर्द्धकुम्भ 2018-19 की तैयारी से सम्बन्धित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव और इलाहाबाद के मण्डलायुक्त अगली बैठक में मेला प्राधिकरण पर अपनी रिपोर्ट दें। अधिकारियों ने कुम्भ मेले की व्यवस्था में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान लगाया है।
 मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुम्भ की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर मण्डलायुक्त इलाहाबाद को नोडल अधिकारी नामित करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव व्यवस्था की देखभाल के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से डीआईजी इलाहाबाद नोडल अधिकारी होंगे, जबकि शासन स्तर पर नगर विकास विभाग को नोडल विभाग नामित करते हुए उन्होंने कहा कि नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में मंत्री समूह अर्द्धकुम्भ आयोजन की तैयारियों के लिए जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी इलाहाबाद द्वारा प्रस्तुत किए गए मेला आयोजन से सम्बन्धित प्रस्तावों का अध्ययन कर आवश्यक धनराशि की व्यवस्था बजट के माध्यम से कराने के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त को अधिकृत करते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक परियोजनाओं पर अविलम्ब कार्य शुरू किया जाए, जिससे मेला क्षेत्र की पूरी तैयारी निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ हो सके। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्द्धकुम्भ आयोजन से सम्बन्धित जो प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किए जाने हैं उन्हें शीघ्र भेजा जाए, जिससे की तैयारी के लिए समय से धनराशि प्राप्त हो सके। इससे पूर्व, जिलाधिकारी इलाहाबाद द्वारा अर्द्धकुम्भ आयोजन के लिए विभिन्न विभागों से सम्बन्धित कार्याें को पूरा कराने एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 3 हजार 460 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं, जिस पर जरूरत के हिसाब से विचार कर शीघ्र धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। 
मुख्यमंत्री ने स्थायी परियोजनाआंे को समय से पूरा कराने के लिए जरूरी औपचरिकताएं शीघ्र शुरू कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल वही परियोजनाएं शुरू की जाएं, जो अक्टूबर, 2018 तक पूरी हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित जो प्रस्ताव ‘नाममि गंगे’ परियोजना के तहत प्रेषित किए गए हैं उन्हंे शीघ्र स्वीकृत कराया जाए। 
मेला आयोजन क्षेत्र के 30 किलोमीटर पेरीफेरी में यातायात, नदी पर पुल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दशा में तीर्थयात्रियों को 8 से 9 किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति वाले स्थानों को पहले से चिन्हित कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। 
इलाहाबाद नगर क्षेत्र में पूरी तरह से एलईडी बल्ब नहीं लगाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास मंत्री इस मामले की अपनी स्तर से समीक्षा करते हुए जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करें। उन्होंने नगर निगमों में विभिन्न कार्याें के लिए ठेका देने की वर्तमान व्यवस्था को दोषपूर्ण एवं भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इसे तुरन्त बदला जाना चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार के ऊर्जा विभाग से बातचीत कर प्रदेश के सभी नगर निगमों की स्ट्रीट लाइट को एलईडी में बदलने तथा दिन में लाइट जलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। 
मुख्यमंत्री ने नगरों के सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी को तापीय विद्युत उत्पादन इकाइयों द्वारा उपयोग में लाने के लिए नागपुर की व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश दिए। इसके लिए नगर विकास मंत्री की अध्यक्षता में मई के प्रथम सप्ताह में एक टीम नागपुर जाकर वहां की व्यवस्था का अध्ययन करेगा। मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद सहित प्रदेश के अन्य नगरों के सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी के इसी प्रकार के उपयोग पर बल दिया।

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