(Patrika Special) : सोनू निगम के ट्वीट पर क्या है यूपी के मुस्लिम कलाकारों की राय 

Lucknow, Uttar Pradesh, India
(Patrika Special) : सोनू निगम के ट्वीट पर क्या है यूपी के मुस्लिम कलाकारों की राय 

कुछ कलाकारों ने यह बात कही कि पडोसी की सुविधा का ध्यान रखना इस्लाम का मूलमंत्र है तो कुछ ने कहा कि सोनू निगम को धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। 

लखनऊ. पार्श्व गायक सोनू निगम के अज़ान पर किये गए ट्वीट पर पूरे देश में बहस चल रही है। बॉलीवुड के ज्यादातर कलाकार सोनू निगम के समर्थन में हैं। इस बीच बंगाल के एक मौलाना के चैलेंज और फिर सोनू निगम के सिर मुड़ाने की चर्चा भी सुर्ख़ियों में रही। अज़ान और लाउडस्पीकर पर चल रही चर्चाओं के बीच पत्रिका टीम ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम कलाकारों से इस विषय पर प्रतिक्रिया हासिल की। कुछ कलाकारों ने यह बात कही कि पडोसी की सुविधा का ध्यान रखना इस्लाम का मूलमंत्र है तो कुछ ने कहा कि सोनू निगम को धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। 

पडोसी की सुविधा का ध्यान रखना सिखाता है इस्लाम 

मणिरत्नम जैसे कई नामचीन फिल्मकारों के साथ काम कर चुके और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के छात्र रहे अभिनेता आरिफ शहडोली कहते हैं कि पुरानी चीजों और परम्पराओं में समय के साथ परिवर्तन होता है। अज़ान दरअसल आवाहन की तरह होता है। सुबह जगाने के लिए इसका उपयोग होता है। अब अलार्म और घड़ियों का उपयोग भी इस काम के लिए होने लगा है। मोबाईल में भी ऐसे ऐप आने लगे हैं जिनमे पांच समय का अज़ान होता है। सोनू निगम ने अपने अधिकार के तहत यह सुबह के नींद में खलल की बात कही है। इस्लाम में कहा गया है कि पडोसी की सुविधा खा ख्याल जरुर रखा जाये। 

धार्मिक परम्पराओं का करना चाहिए सम्मान 

कई बुंदेली फिल्मों का निर्माण कर चुके बुंदेलखंड के रहने वाले निर्माता, निर्देशक और अभिनेता समीर खान कहते हैं कि सोनू निगम ने जो बात कही, वह उनका नजरिया है। भारत में मंदिर के घंटे और सुबह के अज़ान की पुरानी परंपरा है। कई बार इन परम्परों के नाम पर मतभेद भी पैदा होते हैं। अज़ान का मकसद है कि सुबह लोगों को नमाज के लिए जगाया जाये और उठकर दैनिक क्रियायों को तैयारी करें। सोनू निगम को धार्मिक परम्पराओं का सम्मान करना चाहिए।

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