CAG REPORT में खुलासा: यूपी सरकार में इस तरह से हुआ बिजली मीटर घोटाला

Santoshi Das

Publish: May, 19 2017 07:27:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
CAG REPORT में खुलासा: यूपी सरकार में इस तरह से हुआ बिजली मीटर घोटाला

 बिजली विभाग में 22 करोड़ का घोटाला

लखनऊ.विद्युत विभाग में लगातार घोटालों की बात सामने आ रही हैं। इन घोटालों का खुलासा CAG Report में हुए हैं।

कैग रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हुई है कि निजी नलकूप उपभोक्ताओं का नगरीय आपूर्ति बजाय ग्रामीण आपूर्ति की दरों पर बिलिंग हुए। यह घोटाले मैनपुरी में सामने आए है। आपको बता दें कि लेखापरीक्षा के संज्ञान में आया कि ईडीडी प्रथम और द्वितीय मैनपुरी के कार्यक्षेत्र में आने वाले 8,462 से 9,301 उपभोक्ता अप्रैल 2013 से मार्च 2016 ले दैराम शेड्यूल से आपूर्ति प्राप्त कर रहे थे। इन उपभोक्ताओं को ग्रामीण आपूर्ति की दर पर बिल किया गया। जबकि इन उपभोक्ताओं को शहरी शेड्यूल पर लागू होने वाली दर से बिल किया जाना था।

परिणामस्वरूप अप्रैल 2013 से मार्च 2016 के दौरान इन उपभोक्ताओं का राजस्व निर्धारण 17 करोड़ से कम किया गया था।

यह मिली खामियां
-कम्पनी ने विद्युत् अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए नए संयोजन बिना मीटर की स्थापना के देना जारी रखा, इसकी वजह से 12.98 लाख उपभोक्ता 2016 के अंत तक बिना मीटर के ही रह गए
-कम्पनी ने कई गैर मीटरयुक्त संयोजनों को काल्पनिक मीटर संख्या प्रदान करके मीटरयुक्त श्रेणी में भी सम्मिलित कर रखा था
-कम्पनी ने 3.03 लाख कार्यशील मित्रों को मीटर कवर की कमी के कारण क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया और इन मीटरों को मीटरों को दोबारा लगाने के लिए 21.64 करोड़ फिर से खर्च कर दिया
-कम्पनी ने मीटर खरीद में नियमों का पालन न करते हुए उन मीटर को खरीदा जिनके दर कम थे
-कम्पनी के मीटरों के आवधिक  निर्धारित मानकों के सापेक्ष 0.26 प्रतिशत से 1.21 प्रतिशत तक था जो बेहद काम था
- मीटर रीडिंग और बिल जारी करने के लिए ठेकेदारों को अधिक भुगतान और निजी नलकूपों की अनुचित बिलिंग से कम्पनी को 22.03 करोड़ रूपए का नुक्सान हुआ

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