पुलिस जो एक बार दबाव में आ जाए तो अपनो भी नहीं सुनती!

vikram ahirwar

Publish: Apr, 21 2017 12:13:00 (IST)

Mandsaur, Madhya Pradesh, India
पुलिस जो एक बार दबाव में आ जाए तो अपनो भी नहीं सुनती!

- किसी पुलिसकर्मी के साथ हुई अभ्रदता तो किसी के साथ हुई मारपीट, एक भी मामले में पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई

विकास तिवारी, प्रवीण चौहान. 
मंदसौर/रतलाम.
पुलिस माने या ना माने मगर कभी राजनीतिक दबाव तो कभी विवादों से बचने की प्रवृत्ति पुलिस के गले की हड्डी बनता जा रहा है। हाल ही में यातायात थाने पर पदस्थ यातायात पुलिसकर्मी मनोहरसिंह शक्तावत का एक ताजा मामला सामने आया है। यातायात पुलिसकर्मी शक्तावत गांधी चौराहा पर आयोजित रंग बरसे कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर यातायात की व्यवस्था देख रहे थे। इस दौरान एक कार में रतलाम जिले में पदस्थ उपनिरीक्षक नाथूलाल बसेर आए। और उन्होंने स्टापर हटाने के लिए कहा। जब मनोहरसिंह शक्तावत ने एसआई बसेर को दूसरे रास्ते से चले जाने के लिए कहा तो एसआई कार से उतरे और शक्तावत के साथ धक्का-मुक्की की और गाली गालौच तक कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए थे।
हाल यह है कि पुरा वाकिये की जानकारी यातायात प्रभारी किशोर पाटनवाला से लेकर पुलिस के आलाअधिकारियों को भी है। बावजूद अभी तक ना तो किसी भी प्रकार की कोई जांच हुई और ना ही संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस आलाअधिकारियों ने संबंधित जिले के पुलिस अधिकारी को लिखा। जबकि इस मामले में यातायात प्रभारी किशोर पाटनवाला ने जांच कर आलाअधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने की बात कही थी। 
इस तरह के कई मामले सामने आए  
  • 2015 में तत्कालीन गरोठ थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक महेंद्र गौड़ पर कुछ लोगों ने खड़ावदा से आगे हमला कर दिया था। इस में उपनिरीक्षक गौड़ घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कोई तत्परता नहीं बताई। जिसका नतीजा यह रहा है कि संबंधितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।   
  • भानपुरा थाने पर तत्कालीन पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रेमसिंह भदौरिया के साथ करीब छह लोगों ने 11 सिंतबर 2016 को धक्का-मुक्की कर हमला किया था। इस मामले में भानपुरा पुलिस ने प्रधानआरक्षक की तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। घटना के करीब 18 घंटे बाद एसडीओपी अशोक उपाध्याय के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 
ट्रेक्टर पकड़ा तो हटा दिया था आरक्षक को 
गरोठ थानाक्षेत्र में गत वर्ष तत्कालीन आरक्षक जितेंद्रसिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी चालानी कार्रवाई कर रहे थे इस दौरान एक ट्रेक्टर पर लाइट नहीं होने के कारण पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। ट्रेक्टर का संचालक गरोठ क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधी कारिश्तेदार था। जनप्रतिनिधी के दबाव के कारण आरक्षक जितेंद्र ङ्क्षसह को थाने से हटा दिया गया था। टे्रक्टर को बाद में छोड़ भी दिया था। 
इनका कहना..
यातायात पुलिसकर्मी से हुए विवाद की जानकारी आई थी। इसकी जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही अन्य मामले जो भी हुए है उनकी संबंधित एसडीओपी से जांच करवाई जाएगी। 
- अजय प्रताप सिंह, एएसपी मंदसौर। 

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