Flipkart ने eBay इंडिया को टेकओवर किया, माइक्रोसॉफ्ट टेनसेंट करेगा निवेश

prashant jha

Publish: Apr, 10 2017 09:16:00 (IST)

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Flipkart ने eBay इंडिया को टेकओवर किया, माइक्रोसॉफ्ट टेनसेंट करेगा निवेश

 भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने भारत में ebay.in के बिजनेस को खरीद लिया है। साथ ही फ्लिपकार्ट में सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट, ई-बे और टेनसेंट ने निवेश किया है।

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने भारत में ebay.in के बिजनेस को खरीद लिया है। साथ ही फ्लिपकार्ट में सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट , ई-बे और टेनसेंट ने निवेश किया है। फ्लिपकार्ट ने सोमवार को बताया कि टेन्सेंट, ईबे और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में 1.4 बिलियन डॉलर करीब 9 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने वाले हैं।फ्लिपकार्ट की इस बड़ी डील से अमेजन सोच में पड़ गया है।

ebay.in  का मालिकाना हक फ्लिपकार्ट के पास
दरअसल भारत में नंबर 1 ई-कॉमर्स कंपनी बनने की रेस में फ्लिपकार्ट को ऐमजॉन इंडिया से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन इस डील के तहत ईबे 50 करोड़ डॉलर फ्लिपकार्ट में इन्‍वेस्ट करेगी और अपने ebay.in के कारोबार को फ्लिपकार्ट को बेच देगी। अब ebay.in  का मालिकाना हक फ्लिपकार्ट का होगा। 

कंपनी की मार्केट वैल्यू में भारी उछाल 
फ्लिपकार्ट ने माइक्रोसॉफ्ट, ईबे और टेनसेंट से 194 करोड़ डॉलर का फंड जुटाया है। ये फंड मिलने के बाद फ्लिपकार्ट का मार्केट वैल्यू 11.6 अरब डॉलर हो गया है। हालांकि कंपनी की की उच्चतम वैल्यूएशन 15 अरब डॉलर तक गई है। यह फंडिंग ऐसे वक्‍त मि‍ली है जब फ्लि‍पकार्ट दूसरी सबसे बड़ी भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी स्‍नैपडील को खरीदने की बातचीत कर रही है। इस फंडिंग के बाद फ्लि‍पकार्ट की वैल्‍यू 11.6 अरब डॉलर हो जाएगी। 

10 साल की सबसे बड़ी फंडिंग 
फ्लिपकार्ट के मालिक सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने बताया कि "फ्लिपकार्ट के 10 साल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी फंडिंग है। हमें खुशी है कि टेसेंट, ईबे और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत में हमारे साथ पार्टनरशिप की है। 


11 कंपनियों को टेकओवर कर चुकी है फ्लिपकार्ट 
ईबे डॉट इन के अधिग्रहण के साथ ही फ्लिपकार्ट ने कुल 11 कंपनियों का अधिग्रहण कर लिया है। सबसे पहले 2010 में फ्लिपकार्ट ने वीरेड का अधिग्रहण किया फिर 2011 में चिकपिक को अपने साथ मिलया। 2015 में एडीक्विटी और एनजीपे, 2016 में जबॉन्‍ग और फोनपे को भी साथ लिया।

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