बसपा प्रत्याशी मनोज राय ने विधायक मुख्तार अंसारी पर लगाया धमकी देने का आरोप 

Mau, Uttar Pradesh, India
 बसपा प्रत्याशी मनोज राय ने विधायक मुख्तार अंसारी पर लगाया धमकी देने का आरोप 

मामले में दर्ज हुआ मामला, पुलिस मामले की जांच में जुटी 

मऊ. यूपी चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप- प्रत्यारोप की खबरें आए दिन आती रहती है। मऊ सदर के बसपा प्रत्याशी मनोज राय ने बाहुबली नेता और विधायक मुख्तार अंसारी पर धमकी देने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। बसपा प्रत्याशी ने सदर सीट के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर साजिश के तहत ऐसा करने का आरोप लगाया हैं। वहीं इस धमकी की खबर के बाद जिसके बाद जिले की राजनीति गर्म हो गयी है। 


बसपा प्रत्याशी मनोज राय ने नगर कोतवाली क्षेत्र के मुन्शीपुरा स्थित अपने कार्यालय पर गुरूवार को प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उनके घर पर दो युवक आये थे। जिसमें से एक युवक ने अपना नाम सोनु बता कर पत्नी के इलाज के लिए रुपये की मांग किया, लेकिन बसपा नेता ने रुपये नहीं देकर उसकी पत्नी का इलाज करवाने की बात कहा। 

लेकिन युवक सोनू ने सिर्फ रुपये देने की बात कर कहा कि वह वाराणसी का हैं और वह अपनी पत्नी का इलाज कही बाहर करायेगा और रुपये की जरुरत हैं तो रुपये ही दे दे। जाने के बाद उसने कई बार फोन किया और रुपया देने से मना करने पर अंजाम बुरा भुगतने की धमकी दी हैं। 

कई बार धमकी मिलने से बसपा नेता दहशत में आ कर एसपी से गुहार लगाया हैं और नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया हैं। आरोप में बसपा नेता ने मुख्तार के गुर्गों द्वारा अपने समर्थकों को प्रचार प्रसार में हिस्सा नही लेने की भी बात कही गयी हैं।


बसपा प्रत्याशी के राजनीतिक प्रोफाइल पर गौर करें तो मनोज राय सदर विधानसभा क्षेत्र के सहरोज गांव के निवासी हैं। एमए की शिक्षा ग्रहण कर उनकी राजनीतिक सफर, मजबूत पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि बहुत अच्छी रही हैं । मनोज राय के चाचा राजनाथ राय 24 वर्ष तक ब्लॉक प्रमुख रहे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री व जिले के विकास पुरुष कल्पनाथ राय के सहयोगी के रुप में राजनीतिक सफर तय किया हैं। 


मनोज राय वर्ष 1994 में छात्रसंघ महामंत्री, वर्ष 2001 में ब्लॉक प्रमुख कोपागंज निर्वाचित हुए थे। साल 2002 में उन्होंने घोसी विधानसभा से चुनाव लड़ा था, मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

वर्ष 2010 में वह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए और भाई को प्रमुख बनाया। वर्ष 2015 में दुबारा जिला पंचायत सदस्य
निर्वाचित हुए, इस साल विधानसभा चुनाव में वह सपा के टिकट पर सदर सीट से मैदान में हैं। मनोज राय डेढ दर्जन शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक हैं। इस सीट पर विजय प्राप्त करने के लिए मनोज राय कड़ी मेहनत और जनता के बीच घुल मिल रहे हैं। इसलिए विरोधियों की नजर मनोज राय की लोकप्रियता पर टिकी हुई हैं। 

फिलहाल पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुटी है। 


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