शरारत करने की मिली ऐसी सजा, 6 महीने पार्क में रहा बच्चा

Amanpreet Kaur

Publish: Oct, 19 2016 01:51:00 (IST)

Miscellenous India
शरारत करने की मिली ऐसी सजा, 6 महीने पार्क में रहा बच्चा

बच्चे की मां केंद्रीय मंत्रालय में काम करती है और लोधी रोड पर एक सरकारी फ्लैट रहती है

नई दिल्ली। बच्चों का शरारती होना लाजमी है, लेकिन जब उनकी शरारतें हदें पार करती हैं तो माता-पिता उन्हें डांटते फटकारते हैं। हालांकि 14 साल के एक बच्चे को उसकी मां ने शरारत करने की हैरान कर देने वाली सजा दी। इस बच्चे को कथित रूप में मां ने केवल इसलिए घर से निकाल दिया क्योंकि वह उपद्रवी था। बच्चे की मां केंद्रीय मंत्रालय में काम करती है और लोधी रोड पर एक सरकारी फ्लैट रहती हैं।

चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने इस बच्चे को बचाया जिसके बाद बच्चे ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से वह अपने घर के पास बने पार्क में रह रहा है और भीख मांगकर गुजारा चला रहा है।

सीडब्ल्यूसी ने पिछले सप्ताह इस बच्चे को लाजपत नगर स्थित चिल्ड्रन होम में भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को उसकी मां या फिर किसी रिश्तेदार के पास भेजने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों की शिकायत के आधार पर जूवेनाइल जस्टिस ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

बयान में बच्चे ने बताया कि घर में जब भी वह शैतानी करता था तो उसकी पिटाई की जाती थी अज्ञैर कमरे में बंद कर दिया जाता था। उसने बताया कि गाजियाबाद के एक निजी स्कूल में उसने कुछ सालों तक पढ़ाई की लेकिन उसके बाद स्कूल छोड़ दिया। इसके बाद लोधी कॉलोनी के एक स्कूल में उसका दाखिला हुआ, लेकिन क्लास 5 के बाद वहां से भी उसे निकाल दिया गया। इसके बाद उसने दो स्कूल और बदले जहां उसने क्लास 8 तक पढ़ाई की। स्कूल प्रशासन अक्सर उसकी शिकायत उसके माता-पिता से करता था जिसके बाद उसे स्कूल से निकाल दिया गया।

सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे की मां ने इसी साल अप्रेल में नोएडा के एक डे बोर्डिंग एकेडमी में बच्चे का दाखिला करवाने की कोशिश की थी, लेकिन बच्चा एंट्रेंस एग्जाम पास नहीं कर सका। इस घटना के बाद उसका मां से बड़ा झगड़ा हुआ और गुस्से में उसने घर छोड़ दिया। उस रात वह अपेन दोस्त के घर रहा और दूसरे दिन सुबह अपने घर लौट आया, लेकिन उसकी मां ने उसे घर में रखने से मना कर दिया।

बच्चे ने बताया - मैं अपने घर के पास ही बने एक पार्क में रहने लगा और मेरे दोस्तों ने मुझे खाना और पानी दिया। वह कुछ महीने तक उसी इलाके में अपने दोस्त के घर में रहा, लेकिन उसके मां-बाप ने उससे संपर्क करने की कोशिश नहीं की। उसने बताया कि एक बार वह अपने घर में गया था, ताकि अपना सामान ले सके, लेकिन घर पर ताला लगा था।

सीडब्ल्यूसी अधिकारियों ने जब बच्चे की मां से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसे अपने बेटे के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि जब बच्चा बहुत छोटा था तभी बच्चे के पिता  और उसकी मां का तलाक हो गया था, जिसके बाद बच्चे की मां ने दूसरी शादी कर ली और उसकी दो बेटियां हैं। हालांकि उसके दूसरे पति की भी 2012 में लिवर खराब होने से मौत हो गई।

बच्चे की मां का कहना है, 'मेरा बेटा गलत संगत में पड़ गया था और अक्सर घर से भाग जाया करता था। मैंने उसे कई स्कूलों में दाखिल कराया लेकिन हर जगह उसके खराब व्यवहार की वजह से उसे निकाल दिया जाता था। जब मैंने उससे बात करने की कोशिश की तो वह मेरे साथ भी दुर्व्यवहार करने लगा। मैंने उसे घर से निकल जाने के लिए कहा जिसके बाद वह अपने दोस्तों के घर पर रहने लगा। मुझे लगता है कि यह एक व्यक्तिगत मामला है जिसे समय के साथ सुलझा लिया जाएगा। मैंने पुलिस और ष्टङ्खष्ट के लोगों को अपना जवाब दे दिया है। कुछ लोग मेरे बेटे की मासूमियत का फायदा उठाकर मेरे खिलाफ झूठा केस करने की कोशिश कर रहे हैं।'

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