RBI की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का सम्मान करते हैं : सरकार

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RBI की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का सम्मान करते हैं : सरकार

मंत्रालय ने साफ-साफ कहा है कि सरकार रिजर्व बैंक की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का पूरा सम्मान करती है

नई दिल्ली। सरकार ने नोटबंदी के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्वतंत्रता और स्वायत्तता में दखल देने और उसकी छवि धूमिल करने के कर्मचारियों के आरोपों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि वह केन्द्रीय बैंक की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का सम्मान करती है। वित्त मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि केन्द्रीय बैंक के कुछ कर्मचारी संघों ने आरबीआई की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को चोट पहुंचाने के आरोप लगाए हैं।

मंत्रालय ने साफ-साफ कहा है कि सरकार रिजर्व बैंक की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का पूरा सम्मान करती है। उसने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक के बीच जनहित के विभिन्न मामलों में सलाह-मशविरा नियमित प्रक्रिया है और यह कानून सम्मत या परंपरागत व्यवहार है। कानून सम्मत या परंपरागत व्यवहार को रिजर्व बैंक की स्वतंत्रता और स्वायत्तता में हस्तक्षेप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

यूनाइटेड फोरम ऑफ रिजर्व बैंक ऑफिसर्स एंड इम्पालइज ने शुक्रवार को गवर्नर उर्जित पटेल को पत्र लिखकर कई गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि नोटबंदी के घटनाक्रमों से कर्मचारी अपमानित महसूस कर रहे हैं। इस संगठन ने करेंसी संयोजन के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा रिजर्व बैंक में एक अधिकारी बैठाए जाने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे रिजर्व बैंक की स्वायत्तता पर हमला किया गया है।


नोटबंदी पर संसदीय समिति ने क्रक्चढ्ढ गवर्नर से पूछे ये 10 सवाल
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर उर्जित पटेल से संसद की लोक लेखा समिति (क्क्रष्ट) ने नोटबंदी के फैसले को लेकर 10 सवाल पूछे हैं और 20 जनवरी को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस अध्यक्षता वाली इस समिति ने पटेल से नोटबंदी का फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभाव और आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर जानकारी मांगी है। समिति ने पटेल से पूछा है कि अगर ऐसा कोई कानून नहीं है तो उन पर ज्ज्शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिएज्ज् मुकदमा क्‍यों न चले और उन्‍हें हटाया क्‍यों न जाए।

लोक लेखा समिति द्वारा पटेल से पूछे गए 10 सवाल.....

1. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में कहा है कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई और इसके बोर्ड द्वारा लिया गया था। सरकार ने सिर्फ सलाह पर कार्रवाई की। क्‍या आप सहमत हैं?

2. आरबीआई ने कब तय किया कि नोटबंदी भारत के हित में हैं?

3. रातों-रात 500 और 1000 के नोट बंद करने के पीछे आरबीआई ने क्‍या तर्क पाए?

4. आरबीआई के अपने अनुमान दिखाते हैं कि भारत में सिर्फ 500 करोड़ रुपए की नकली/जाली करंसी है। जीडीपी के मुकाबले भारत में कैश 12 फीसदी था जो कि जापान (18त्न) और स्विट्जरलैंड (13त्न) से कम है। भारत में मौजूद नकदी में उच्‍च मूल्‍य के नोटों का हिस्‍सा 86त्न था, लेकिन चीन में 90त्न और अमेरिका में 81त्न है। तो, अचानक ऐसी क्‍या जरूरत आ पड़ी थी कि आरबीआई को विमुद्रीकरण का फैसला लेना पड़ा?

5. 8 नवंबर को होने वाली आपातकालीन बैठक के लिए आरबीआई बोर्ड सदस्‍यों को कब नोटिस भेजा गया था? उनमें से कौन इस बैठक में आया? कितनी देर यह बैठक चली?

6. नोटबंदी की सिफारिश करते हुए क्‍या आरबीआई ने स्पष्ट किया था कि 86 प्रतिशत नकदी अवैध होगी? कितने समय में व्यवस्था पटरी पर लौट सकेगी?

7. सेक्‍शन 3 ष्(1) के तहत 8 नवंबर, 2016 को आरबीआई की अधिसूचना द्वारा बैंक खातों से काउंटर के जरिए 10,000 रुपए प्रतिदिन और 20,000 रुपए प्रति सप्‍ताह निकासी की सीमा तय कर दी गई। एटीएम में भी 2,000 रुपए प्रति दिन निकासी की सीमा लगाई गई। किस कानून और आरबीआई को मिली शक्तियों के तहत लोगों पर अपनी ही नकदी निकालने पर सीमा तय की गई? देश में करंसी नोटों की सीमा तय करने की ताकत आरबीआई को किसने दी? अगर ऐसा कोई नियम आप न बता सकें, तो क्‍यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और शक्‍त‍ियों का दुरुपयोग करने के लिए पद से हटा दिया जाए?

8. नोटबंदी के बाद पिछले दो महीने में आरबीआई के नियमों में बार-बार बदलाव क्‍यों हुए? उस आरबीआई अधिकारी का नाम बताएं जिसने निकासी के लिए लोगों पर स्‍याही लगाने का विचार दिया? शादी से जुड़ी निकासी वाली अधिसूचना किसने तैयार की? अगर यह सरकार ने किया था तो क्‍या अब आरबीआई वित्‍त मंत्रालय का एक विभाग है?

9. कितने नोट बंद किए गए और कितनी पुरानी करेंसी जमा हुई? जब 8 नवंबर को आरबीआई ने सरकार को नोटबंदी की सलाह दी तो कितने नोटों के वापस लौटने की संभावना थी?

10. आरबीआई ने आरटीआई के तहत जानकारी देने से मना क्‍यों किया है, वह भी निजी चोट का डर जैसा कारण बताकर? आरटीआई के तहत मांगी जाने वाली जानकारी देने को आरबीआई क्‍यों नहीं दे रहा?


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