भारतीय Dr. को मिली बड़ी कामयाबी, दो महीने में घटाया ईमान का 250 Kg. वजन 

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भारतीय Dr. को मिली बड़ी कामयाबी, दो महीने में घटाया ईमान का 250 Kg. वजन 

मुबंई  के सैफी हॉस्पिटल ने अपने दो महीने के इलाज में वो कर दिखाया, जिसके सामने दुनिया के तमाम डॉक्टर अपने हाथ खड़े कर चुके थें। सैफी हॉस्पिटल के दो महीने की इलाज के बाद 500 किलोग्राम वजनी मिस्र निवासी ईमान अहमद के वजन में 250 किलोग्राम की कमी आई है। 

मुंबई। मिस्र की 36 वर्षीय महिला ईमान अहमद अपने भारी वजन के कारण पिछले कई वर्षों से परेशान थी। अहमद के परिवार ने इलाज के लिए लगभग पूरी दुनिया का खाक छाना। मगर कोई डॉक्टर अहमद के केस में हाथ डालने को तैयार नहीं था। आखिरकार अहमद को भारतीय डॉक्टर ने सहारा दिया। मुबंई की चर्ली रोड पर स्थित सैफी अस्पताल ने ईमान के इलाज की चुनौती स्वीकार की। सैफी हॉस्पिटल ने अपने दो महीने के इलाज में वो कर दिखाया, जिसके सामने दुनिया के तमाम डॉक्टर अपने हाथ खड़े कर चुके थें। सैफी हॉस्पिटल के दो महीने की इलाज के बाद 500 किलोग्राम वजनी ईमान अहमद के वजन में 250 किलोग्राम की कमी आई है। अहमद के इलाज में जुटे भारतीय डॉक्टर इसे बड़ी कामयाबी मान रहे हैं। 

दो महीने पहले था 500 किलोग्राम वजन 
करीब दो महीने पहले तक ईमान अहमद दुनिया की सबसे भारी महिला थीं। उनका वजन 500 किलो के करीब था। अपने इस भारी वजन के कारण ईमान पिछले 25 वर्षों से अपने घर से बाहर तक नहीं निकल पाई थी। वह बैठ तक नहीं पा रही थी। अब वह वीलचेयर में फिट हो पा रही हैं और लंबे समय के लिए बैठी रह पा रही हैं। 
डॉक्टरों ने जारी किया वीडियो 
अहमद के इलाज में जुटे डॉक्टरों ने बुधवार को एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में ईमान पहले से स्लिम और काफी खुश नजर आ रही हैं। सैफी अस्पताल में 7 मार्च को अहमद की सर्जरी की गई थी। सैफी अस्पताल ने अपने ऑनलाइन स्टेटमेंट में बताया है कि यह विडियो 18 अप्रैल को शूट किया गया था।

तीन महीने पहले यह कल्पना से परे था
सैफी हॉस्पिटल की डॉ. अपर्णा गोविल ने कहा, ‘अब आखिरकार ईमान व्हीलचेयर में फिट हो पा रही हैं। मैं खुद तीन महीने पहले इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं। ईमान अब काफी ठीक हैं। वह पहले से ज्यादा अलर्ट हैं और वह नियमित रूप से फिजियोथेरपी सेशन ले रही हैं।‘

निजी जेट और क्रेन से लाया गया था ईमान को 
मिस्र से ईमान को मुबंई तक लाने के लिए निजी जेट का सहारा लिया गया था। वही एयरपोर्ट से हॉस्पिटल तक पहंचने के लिए क्रेन का उपयोग किया गया था। भारत में उसे डॉ. मुफ्फजल लकड़ावाला और उनकी टीम के डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।  

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