मार्डन तकनीक से लैस INS तिहायु नेवी में शामिल, बढ़ी ताकत

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मार्डन तकनीक से लैस INS तिहायु नेवी में शामिल, बढ़ी ताकत

फॉलो ऑन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट श्रेणी की शिप आईएनएस तिहायु बुधवार को नेवी में शामिल किया गया

नई दिल्ली। फॉलो ऑन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट श्रेणी की शिप आईएनएस तिहायु बुधवार को नेवी में शामिल किया गया। जिसके बाद भारतीय नेवी की ताकत और बढ़ गई है। तिहायु को ईस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख एचसीएस बिष्ट की मौजूदगी में नेवी में शामिल किया गया। इसका इस्तेमाल गश्त, बचाव अभियान के अलावा समुद्री लुटेरों के खिलाफ  किया जा सकेगा। यह ईस्टर्न फ्लीट में शामिल किया गया छठवां (FO-WJFAC) है। इनमें से चार चेन्नई जबकि तिहायु समेत अन्य दो विशाखापत्तनम में तैनात किए जाएंगे।

4000-सीरीज के एमटीयू इंजन से लैस
315 टन वजन वाली यह शिप लेटेस्ट 4000-सीरीज के एमटीयू इंजन से लैस है। इसमें बेहद मॉडर्न मशीनरी कंट्रोल सिस्टम और वॉटर जेट्स लगे हैं। ये शिप अधिकतम 35 नॉट्स यानी 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। समुद्री निगरानी को बेहतर बनाने के लिए इसमें लेटेस्ट कम्यूनिकेशन इक्वीपमेंट और रेडार लगे हुए हैं। इसमें तीन वॉटर जेट प्रोपल्शन सिस्टम हैं। इसमें लगे मरीन डीजल इंजन 2720 किलोवॉट की पावर पैदा करते हैं। शिप में स्वदेशी 30MM गन CRN-91 लगी हुई है। ये हमले के दौरान बेहद प्रभावशाली साबित होगी।

नेवी के पास ऐसी कई शिप
इसे कोलकाता की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड ने बनाया है। कंपनी ने इंडियन नेवी को यह शिप इस साल 30 अगस्त को सौंपा था। अंडमान के एक द्वीप तिहायु का नाम इस शिप को दिया गया है। कंपनी इससे पहले दस WJFAC श्रेणी के शिप इंडियन नेवी को 2009 से 2011 के बीच सौंप चुकी है। इसके बाद, नेवी ने चार और WJFAC बनाने का ऑर्डर दिया था। इसके तहत बने पहली शिप आईएनएस तरमुगली को इस साल 23 मई को नेवी में शामिल कर लिया गया।


हाल ही में सूत्रों के हवाले से खबर आई कि भारतीय नौसेना ने देश के पहले स्वदेशी परमाणु शक्ति प्राप्त पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत को चुपचाप सेवा में शामिल कर लिया है। इस पनडुब्बी में परमाणु हथियार चलाने की क्षमता है। इस पनडुब्बी के बेड़े में शामिल होना भूमि, वायु और समुद्र तीनों जगहों से परमाणु हथियार चलाने की क्षमता देता है।

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