बिजनेसमैन ट्रंप नहीं चाहेंगे वीजा नियमों से हो नुकसानः सिक्का

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बिजनेसमैन ट्रंप नहीं चाहेंगे वीजा नियमों से हो नुकसानः सिक्का

डोनाल्‍ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा के नियमों को कड़ा करने की पैरवी करने वाले जेफ सेसंस को अटॉर्नी जनरल की पोस्‍ट के लिए चुना है।

बेंगलुरु। भारतीय आईटी पेशेवरों द्वारा मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले एच-1बी वीजा नियम को कड़े करने के संकेत पर इंफोसिस के चेयरमैन विशाल सिक्का ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन वीजा और इमीग्रेशन पॉलिसी में बदलाव कर सकते हैं, देखना है कि किस प्रकार के बदलाव किए जाएंगे। हालांकि सिक्का ने कहा कि नई पॉलिसी बिजनेस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योर के अनुकूल होगा।

सिक्का ने कहा, 'नवनिर्वाचित अमरीकी राष्ट्रपति अगले सप्ताह अपना कार्यभार संभालेंगे। ट्रंप खुद एक बिजनेसमैन रहे हैं और उनका बैकग्राउंड बिजनेस और इनोवेशन फ्रेंडली रहा है। आशा करता हूं कि उनकी नीति भी इन सभी को लेकर दोस्ताना रहेगा।' उन्होंने कहा कि यदि कंपनी इनोवेशन और मूल्यों को ध्यान में रखकर काम करती रही तो सभी कुछ सामान्य ही रहेंगे।

एच-1बी वीजा नियम के विरोधी रहे सेसंस ट्रंप प्रशासन में शामिल
नवनिर्वाचित अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा के नियमों को कड़ा करने की पैरवी करने वाले जेफ सेसंस को अटॉर्नी जनरल की पोस्‍ट के लिए चुना है। सीनेट कमिटी के सामने अपनी दावेदारी पेश करते हुए सेसंस ने कहा कि वह एच-1बी वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कानून लाएंगे। सेसंस नए कानून लाकर एच-1बी और एल1 वीजा प्रोग्राम्‍स के लिए अप्‍लाईै करने के नियम कड़े कर सकते हैं। इससे इंडियन आईटी प्रोफेशनल्‍स के लिए इस प्रोग्राम के तहत अप्‍लाई करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

वीजा फीस में बढ़ोतरी
अमरीका ने पहले ही जनवरी 2016  में एच-1बी और एल-1 वीजा फीस में वृद्धि कर चुका है। फीस 2000 डॉलर से बढ़ाकर एच-1बी वीजा के लिए 6000 डॉलर और एल-1 वीजा के लिए 4500 डॉलर कर दी गई है।

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