हम शर्मिंदा हैं! नवजात को दूध पिला रही महिला को कोच में सवार पुरुषों ने जबरन ट्रेन से उतरने को किया मजबूर

Miscellenous India
हम शर्मिंदा हैं! नवजात को दूध पिला रही महिला को कोच में सवार पुरुषों ने जबरन ट्रेन से उतरने को किया मजबूर

गाहे-बगाहे औरतों पर लांछन लगाने के तरीके हम ढूंढ़ ही लेते हैं और ऐसा सबसे ज्यादा घर वाले ही करते हैं। लेकिन हाल ही में पुणे में जो मामला सामने आया है उसे जानकर आप कुछ लोग शायद पुरुष होने पर शर्मिंदगी महसूस करेंगे...

पुणे: गाहे-बगाहे औरतों पर लांछन लगाने के तरीके हम ढूंढ़ ही लेते हैं और ऐसा सबसे ज्यादा घर वाले ही करते हैं। लेकिन हाल ही में पुणे में जो मामला सामने आया है उसे जानकर आप कुछ लोग शायद पुरुष होने पर शर्मिंदगी महसूस करेंगे। पुणे में डेक्कन क्वीन ट्रेन में अपने नवजात बच्चे को दूध पिला रही एक महिला को उस कोच में सवार पुरुषों ने ज़बरदस्ती ट्रेन से उतरने को मजबूर किया गयाा। उनका कहना था कि उस औरत के ऐसा करने से वे असहज महसूस कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद कुछ लोगों ने तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक फेसबुक यूजर और पेशे से पत्रकार मजकूर आलम ने अपने फेसबुक वॉल पर इस मामले की संवेदनहीन कहानी को बखूबी बयां किया है। आलम ने लिखा है, ''मैं आज अपने पुरुष होने की शर्मिंदगी लेकर कहाँ जाऊं?"

इस हीन भावना का शिकार बनी स्वप्ना कुलकर्णी-
बीते रविवार 32 साल की स्वपना कुलकर्णी अपने पति आमिर के साथ ट्रेन में पुणे से मुंबई के लिए सफर कर रही थीं. स्वपना के पास एसी चेयर कार का पुणे से मुंबई तक के लिए कंफर्म टिकट था इसके बावजूद उन्हें उनके कोच सवार पुरुषों ने उन्हें ट्रेन से बाहर उतरने को मजबूर किया गया।

Pune Breast Feeding
इसके पीछे जो वजह जो दलील दी गई वो बेहद शर्मनाक थी। अपने नवजात बच्चे को दूध पिला रही स्वप्ना को उस कोच में सवार पुरुषों ने ज़बरदस्ती ट्रेन से उतार दिया। उनका कहना था कि स्वप्ना के ऐसा करने से वे असहज महसूस कर रहे थे।

स्वप्ना का कहना है कि मेरे लिए यह असहज स्थिति थी, मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि मेरे कोच सवार पुरुष मेरे साथ ऐसा कैसे? जबकि मैं तो सिर्फ अपने बच्चे को दूध पीला रही थी। यहां तक कि हमने टिकट कलेक्टर से भी शिकायत की लेकिन उसने हमारी कोई मदद नहीं की।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned