बाबा का अनोखा मंदिर: Sawan में यहां पातालेस्वर मंदिर पर चढ़ती है झाड़ू

Noida, Uttar Pradesh, India
बाबा का अनोखा मंदिर: Sawan में यहां पातालेस्वर मंदिर पर चढ़ती है झाड़ू

यूपी के संभल जिले में भगवान भोले नाथ का ऐसा अनूठा Shiv Temple है। जिसमें शिव भक्त भोले नाथ के Shivlinga पर पुष्प दूध बेलपत्र के साथ झाड़ू भी अर्पित करते है।

जय प्रकाश,
मुरादाबाद। यूपी के संभल जिले में भगवान भोले नाथ का ऐसा अनूठा शिव मंदिर है। जिसमें शिव भक्त भोले नाथ के शिवलिंग पर पुष्प दूध बेलपत्र के साथ झाड़ू भी अर्पित करते है। संभल जनपद के बहजोई थाना इलाके के सादात बाडी गांव में 100 साल से अधिक प्राचीन भगवान शिव के इस अनूठे Pataleshwar Shiv Mandir के सन्दर्भ में मान्यता है कि शिवलिंग पर Broom अर्पित करने से किसी भी प्रकार के चर्म रोग नहीं होते हैं।

Maha Shivratri के मौके पर देश भर से लाखों की संख्या में श्रदालु सादात बाड़ी के पातालेस्वर मंदिर में पहुंच कर चर्म रोगों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर झाड़ू अर्पित करते हैं। पातालेस्वर मंदिर परिसर में लगी दुकानों पर प्रसाद की सामग्री के साथ झाड़ू भी बिकती है। महाशिवरात्री पर मंदिर परिसर में विशाल Mela लगता है। जिसके लिए कई दिन पूर्व ही तैयारिया शुरू हो जाती है। खास बात यह है कि इस अनूठे शिव मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था के लिए कोई कमेटी या ट्रस्ट नहीं है। महाशिवरात्री पर आने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए इलाके के शिवभक्त आपसी सहयोग से ही व्यवस्थाएं देखते हैं।

संभल जनपद के बहजोई थाना इलाके के गांव सादात बाड़ी में भगवान शिव के Pataleshwar Mandir में स्थापित शिवलिंग के सन्दर्भ में कहा जाता है कि लगभग 100 साल से पहले जंगल में पशु चराने वाले   चरावाह बालक शिवलिंग पर घास काटने बाली दरांती की धार तेज किया करते थे। उसी दौरान गांव में चर्म रोगों से पीड़ित एक वैश्य को यह शिवलिंग स्वप्न में दीखा, स्वप्न में शिवलिंग देखने के बाद वैश्य शिवलिंग की स्थापना के उद्देश्य से जंगल में ग्रामीणों के साथ शिवलिंग को खोदने पहुंचे। लेकिन ग्रामीण काफी गहराई तक खुदाई करने के बावजूद विशाल शिवलिंग की थाह नहीं पा सके।

जिसके बाद वैश्य ने भगवान Pataleshwar Shiv Mandir के नाम से जंगल में शिव मन्दिर का निर्माण करा दिया। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर के निर्माण के बाद चरम रोगों से पीड़ित वैश्य के चर्म रोग चमत्कारिक रूप से खत्म हो गए। वैश्य के चरम रोगों से मुक्ति के बाद चर्मरोगों से पीड़ित लोग भारी संख्या में मंदिर पहुंचने लगे। ग्रामीण बताते हैं कि मंदिर में Skin Diseases से मुक्ति की मन्नत के लिए शिवलिंग पर झाड़ू अर्पित करने वालों को कभी भी चर्म रोग नहीं होते हैं। शिव लिंग पर झाड़ू अर्पित करने की यह अनूठी परम्परा आज भी जारी है।

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