आजम के 'घर' में हुई सबसे कम वोटिंग, क्‍या बना पाएंगे रिकॉर्ड

Noida, Uttar Pradesh, India
आजम के 'घर' में हुई सबसे कम वोटिंग, क्‍या बना पाएंगे रिकॉर्ड

आजम के बेटे के सामने नवाब काजिम अली लड़े हैं चुनाव

जय प्रकाश, मुरादाबाद। दूसरे चरण में मुरादाबाद मंडल समेत कुल 11 जिलों की 67 सीटों पर चुनाव शांतिपूर्वक निपट गया। वहीं, इस बार मतदान में मतदाताओं ने जमकर वोटिंग की, जिससे तमाम सियासी दलों का उत्साह भी चरम भी है, लेकिन इस सबसे जुदा सूबे की सत्ता का केंद्र बने रामपुर शहर में जनपद की अन्य चार विधानसभाओं के मुकाबले बेहद कम वोटिंग हुई है। इससे कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। शायद इसे आजम से भी जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इस कम प्रतिशत मतदान का रिजल्ट क्या रहा है, ये आने वाली 11 मार्च को ही पता चलेगा।

रामपुर शहर विधानसभा में कुल 50 प्रतिशत से थोड़ा अधिक मतदान रिकॉर्ड हुआ, जो दूसरे चरण में सबसे कम इलाकों की वोटिंग में दर्ज हो गया है। चूंकि इस सीट से कद्दावर नेता आजम खान हैं तो इस पर चर्चा लाजिमी है कि आखिर कम वोटिंग फैक्टर का लाभ किसे और हानि किसे मिलेगी। कुल मिलाकर बताया जा रहा है कि इस बार आजम के मुकाबले बसपा से डॉ. तनवीर और भाजपा के शिव बहादुर सक्सेना भी खूब लड़े हैं, जबकि आजम अगर इस सीट पर जीत जाते हैं तो ये यूपी में एक नया रिकॉर्ड होगा, क्‍योंक‍ि आजम यहां से आठ बार एमएलए हैं।

आजम का बेटा भी मैदान में


इसके साथ ही उनका खुद का बेटा अब्दुल्ला आजम भी नबाब काजिम अली उर्फ नावेद मियां के खिलाफ चुनाव लड़े हैं, इसलिए ये चुनाव आजम की प्रतिष्ठा का भी चुनाव बन गया है। उधर, मंडल के दूसरे बड़े नेताओं की बात करें तो भाजपा का मुस्लिम चेहरा मुख्‍तार अब्बास नकवी, संभल से पूर्व सांसद डॉ. शाफिकुर्रहमान बर्क, कैबिनेट मंत्री अमरोहा महबूब अली, कमाल अख्तर, जावेद अब्दी और संभल से ही इकबाल महमूद की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ गई है। रिजल्ट आने के साथ ही सूबे की सियासत में इन नेताओं का कद भी तय होना है, जिसका इनके साथ ही इस इलाके की जनता को भी अब बेसब्री से इन्तजार है।

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