बहन का पीछा करने से रोका तो हॉकी-सरिए से हमला

Morena, Madhya Pradesh, India
बहन का पीछा करने से रोका तो हॉकी-सरिए से हमला

तीन युवक घायल, पुलिस ने दर्ज किया मारपीट का प्रकरण

मुरैना. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक पर कोचिंग से लौटते समय एक नामजद सहित तीन आरोपियों ने हॉकी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। बचाव में आए उसके दो चचेरे भाइयों पर भी रॉड से हमला किया गया। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। झगड़ा होता देख पास से ही दो लोग और आए उन्होंने पिट रहे युवकों को बचाया। पुलिस ने मारपीट और जान से मारने की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
मेला मैदान के पीछे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग छात्र शैलेंद्र शर्मा सोमवार को सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे से पढ़कर लौट रहा था। उसके साथ उसकी बहन भी थी तभी एक युवक राममोहन सिकरवार आया। वह कभी आगे और कभी पीछे चलने लगा। जब शैलेंद्र ने टोका तो राममोहन अपशब्द कहने लगा। अपशब्द कहने से रोका तो उसने हॉकी से हमला कर दिया। हॉकी शैलेंद्र के कंधे में पीछे की साइड लगी। तब शैलेंद्र ने अपने चचेरे भाई दिनेश शर्मा व उमेश शर्मा को मोबाइल से कॉल करके बुलाया। इस दौरान राममोहन सिकरवार के भी साथी आ गए। एक अज्ञात युवक ने उमेश शर्मा को सरिया मारे जो मुंह व गर्दन में लगे। इससे मुंह से खून निकलने लगा। दिनेश शर्मा बचाने का प्रयास किया तो तीसरे आरोपी ने उसे भी पीछे से सिर में सरिया मारा। इससे दिनेश के सिर से भी खून निकलने लगा। झगड़ा बढ़ता देख मौके पर दिनेश शर्मा व विक्की शर्मा पहुंच गए जिन्होंने बचाया। घायल होकर तीनों भाई बाइक से कोतवाली की ओर चले इस बीच उन्होंने अपने ताऊ लक्ष्मीनारायण शर्मा व परिवार के अन्य लोगों को कॉल कर दिया। सभी लोग एसपी बंगले के सामने आ गए। इस बीच डायल-100 को भी किसी ने सूचना दे दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल को कोतवाली में रिपोर्ट लिखाने के बाद उपचार के लिए भर्ती कराया।

कोचिंगों के आसपास नहीं अच्छा माहौल
कैलारस में भी लड़की की छेड़छाड़ को लेकर मामला गरमाया हुआ है। शहर में भी इससे पहले कई बार कोचिंगोंं पर रंगबाजी के चलते झगड़े और फायरिंग तक हो चुकी हैं। इसके बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। कोचिंग सेंटर भी शहर में कई जगह संचालित हो रहे हैं, जिससे पुलिस की चौकसी भी पर्याप्त नहीं हो पाती है। कोचिंगों के आसपास आवारा किस्म के युवकों की मौजूदगी अक्सर देखी जाती है। खास तौर से मुंह बांधकर चल रहे छात्र-छात्राओं और युवक-युवतियो को नहीं टोकने से हालात बिगड़ रहे हैं। सोमवार को भी जब हमले में घायल युवक एसपी बंगले के सामने खड़े थे तो उनके पीछे एक छात्र मुंह बांधकर खड़ा था। पुलिस ने टोका तब उसने चेहरा खोला। मुंह बांधकर चलने वालों की पहचान नहीं हो पाती है।

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