Movie Review: कैसी है 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया', देखने जाने से पहले इसे जरूर पढ़ें

Dilip chaturvedi

Publish: Mar, 10 2017 06:59:00 (IST)

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Movie Review: कैसी है 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया', देखने जाने से पहले इसे जरूर पढ़ें

क्या वरुण-आलिया की पहली फिल्म जैसी है ये दुल्हनिया...यकीनन हंसाती है, लेकिन रुलाती भी है...

फिल्म: बद्रीनाथ की दुल्हनिया 
डायरेक्टर: शशांक खेतान 
स्टार कास्ट: आलिया भट्ट, वरुण धवन, स्वानंद किरकिरे 
रेटिंग: 4 स्टार


मुंबई। फिल्म की कहानी घिसी-पिटी है, लेकिन फ्रेम दर फ्रेम ऐसे गुथे गए हैं कि दर्शक ऊबते नहीं हैं। इसके लिए यकीनन फिल्म के निर्देशक शशांक खेतान की जितनी तारीफ की जाए, कम ही होगी। इसमें भी कोई शक नहीं कि वरुण धवन और आलिया भट्ट की जोड़ी लगातार हिट हो रही है। इनके बीच की कैमिस्ट्री शानदार होती है। जहां तक बद्रीनाथ की दुल्हनिया की बात है, तो इस फिल्म के प्रति दर्शकों को क्रेज देखते ही बनता है। इसका अंदाजा फिल्म के फस्र्ट शो व उसके बाद के शो में उमड़ी भीड़ से बखूबी लगाया जा सकता है। वैसे वरुण-आलिया की जोड़ी दर्शकों को थिएटर तक लाने में कामयाब जरूर हुई है, लेकिन लोगों को कितनी पसंद आएगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इससे पहले की आप फिल्म देखने का मना बनाएं, उससे पहले यहां यह जरूर जान लें कि वरुण-आलिया की 'बद्रीनाथ की दुल्हनियाÓ है कैसी? कहानी क्या है? फिल्म की कमजोर कड़ी क्या है? तो आइए, सबसे पहले नजर डालते हैं कहानी पर... 

कहानी...
यह कहानी झांसी के रहने वाले साहूकार के बेटे बद्रीनाथ बंसल (वरुण धवन) की है, जो अपने दोस्त की शादी में झांसी जाता है और वहां शादी के दौरान उसकी मुलकाता वैदेही त्रिवेदी (आलिया भट्ट) से होती है। बद्री का दिल वैदेही पर आ जाता है, लेकिन वैदेही के और ही सपने हैं। बद्री बार-बार वैदेही को अपना बनाने के लिए तरह तरह की कोशिश करता है। कहानी झांसी से कोटा और कोटा से झांसी आती-जाती रहती है। फिर मुंबई होते हुए सिंगापुर भी पहुंचती है और टिपि‍कल तरीके से खत्म होती है। 

अभिनय...
वरुण धवन में सलमान और गोविंदा की झलक नजर आती है, लेकिन सच है कि वरुण एक बार फिर अपने फैंस का दिल जीतने में कामयाब रहे। आलिया भट्ट ने भी हमेशा की तरह शानदार अदाकारी की है। दोनों की जोड़ी एक बार फिर अपना जादू बिखेरने में कामयाब हुई है। इनके अलावा दूसरे कलाकार भी अच्छी अदाकारी की है।

निर्देशन...
वरुण और आलिया के साथ 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियाÓ जैसी हिट फिल्म दे चुके शशांक खेतान ने इस फिल्म को निर्देशित किया है। शशांक का निर्देशन काबिले तारीफ है। हंसते-हंसाते फिल्म को कैसे गंभीर करना है, इसमें निर्देशक की काबिलियत नजर आती है। कॉमेडी और इमोशन का बैलेंस शानदार है। हालांकि, कई जगह उनकी कमजोरी भी नजर आती है, जो भारी पड़ सकती थी, लेकिन इसे भी उन्होंने बखूबी संभाल लिया है।

गीत-संगीत...
फिल्म में अरमान मलिक, तनिष्क बागची, अखिल सचदेव ने संगीत दिया है, जो पहले ही हिट हो गया है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी शानदार है।

मजबूत कड़ी...
-फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी है फिल्म के संवाद, जो हंसी, ठहांकों और जज्बातों से भरपूर हैं। साथ ही फिल्म में फिट भी बैठते हैं।
-एक बेहतरीन साफ सुथरी प्रेम कहानी, जो मनोरंजन और संदेश से भरपूर है और पूरे परिवार के साथ बैठकर देखी जा सकती है।

कमजोर कड़ी...
फिल्म का पहला हिस्सा बेहतरीन है, जबकि दूसरे हिस्से में कुछ देर फिल्म स्लो हो जाती है। यदि फिल्म से सिंगापुर के सीन्स हटा दिए जाएं, तो फिल्म और प्रभावी बन सकती थी।

क्यों देखें...
यदि आप जमकर हंसना चाहते हैं...पेट पकड़कर हंसना चाहते हैं, जो जरूर देखें...। बद्री की दुल्हनिया की मुंह दिखाई पैसा वसूल है। यह एक पारिवारिक फिल्म है, जो आजकल बहुत कम बनती हैं।

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