सरकारी संस्थाओं में 90 हजार करोड़ रुपये हैं जमा

Jameel Khan

Publish: Mar, 15 2017 04:42:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
सरकारी संस्थाओं में 90 हजार करोड़ रुपये हैं जमा
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार की संस्थाओं में करीब 90,000 करोड़ रुपये बतौर फिक्स डिपॉजिट के तौर पर बैंकों में जमा है। उस डिपॉजिट को सरकार तोड़कर उसे विकास कार्यों में खर्च करना चाहती है। हालांकि, सरकारी संस्थाएं अपने फिक्स डिपॉडिट तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, पर राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार चाहते हैं कि फंड जुटाने में इनका योगदान मिले। महाराष्ट्र सरकार मंदी के दौर से गुजर रही है। आय का जो लक्ष्य रखा है उसे वह हासिल नहीं कर पा रही है। इसका कारण नोटबंदी बताया जा रहा है।

एफडी से निधि जुटाने में सहयोग करें : वित्त मंत्री
सरकार ने चालू वर्ष में एक्साइज डिपार्टमेंट से 15,343 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, लेकिन जनवरी तक 9,442 करोड़ रुपये ही जमा किया जा सका। इसी तरह स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से 23,547 करोड़ रुपये का टारगेट रखा था, लेकिन जनवरी तक 16,347 करोड़ रुपये ही हासिल किया। सरकार के सबसे बड़े सेल टैक्स से 81,437 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन उसकी तिजोरी में 69,252 करोड़ रुपये ही आया। वाहन कर (वेहिकल टैक्स) से 6,750 करोड़ रुपये में से 5,458 करोड़ रुपये मिला। अब 3 महीने में लक्ष्य हासिल कर लेंगे। इसकी संभावना नहीं के बराबर है। ऐसे में वित्त मंत्री मुनगंटीवार के सामने सरकार चलाने की चुनौती आ रही है। आखिर सरकार पैसा कहां से लाए? वित्तमंत्री ने अपने आला अधिकारियों को आदेश दे रखा है कि वे आय बढ़ाने के लिए माध्यम सुझाएं, लेकिन उससे पहले इस सामने आई चुनौती का सामना करने का राह बताएं। वित्त विभाग के कुछ अधिकारियों ने सरकारी संस्थाओं में जमा पैसे लेने का सुझाव वित्तमंत्री मुनगंटीवार को दिया है।राज्य सरकार चाहती है कि सभी सरकारी सस्थाएं अपने फिक्स डिपॉजिट से निधि जुटाने में सहयोग करें।

विकास कार्यों में रुपये होंगे प्रयोग
वित्त विभाग के अधिकारी ने बताया कि एमएमआरडीए, सिडको, एमआईडीसी जैसी सरकारी एजेंसियां के पास 85,000 से 90,000 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट पड़े हैं। बताया जा रहा है कि एमएमआरडीए के पास 15,000 करोड़ और एमआईडीसी के पास 5,000 करोड़ रुपये का फिक्स डिपॉजिट है। हालांकि सरकारी एजेंसियां अपने फिक्स डिपॉजिट देने के लिए उत्सुक नहीं हैं। वित्त विभाग के उस अधिकारी ने बताया कि विकास कार्यों के लिए हमें निधि की जरूरत है और इस तरह हम निधि जुटा सकते हैं। उस रकम का उपयोग सिंचाई, सड़क, पर्यटन व इंफ्रास्टेक्चर परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।

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