10 घंटे तड़पती रही प्रसूता, हालत बिगडऩे पर डॉक्टर ने कर दिया सिम्स रेफर, मौत

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Jun, 20 2017 12:41:00 (IST)

lormi, mungeli
10 घंटे तड़पती रही प्रसूता, हालत बिगडऩे पर डॉक्टर ने कर दिया सिम्स रेफर, मौत

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लोरमी का मामला, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप

लोरमी. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लोरमी में प्रसव कराने आई महिला 10 घण्टे तक तड़पती रही। जब उसकी हालत और बिगड़ गई तो डॉक्टर ने सिम्स रेफर कर दिया। प्रसूता की बिलासपुर पहुंचते ही मौत हो गई। वहीं प्रसूता के गर्भ में दो जुड़वा बच्चे भी थे, उनकी भी प्रसव पूर्व मौत हो गई। इस मामले में मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों के प्रति लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डोंगरिया निवासी सविता जायसवाल पति अनिल उम्र 27 वर्ष को शाम 8 बजे प्रसव पीड़ा हुई। गांव के ही उपस्वास्थ्य केन्द्र डोंगरिया के स्वास्थ्य कार्यकर्ता संतोषी यादव को फोन लगाकर बुलाया गया।  वह नहीं आई और लोरमी लेकर आने की बात कही। आनन-फानन में प्रसूता को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां उपस्थित नर्स ने जांच कर छोड़ दिया। रात करीब 10 बजे से लेकर सुबह तक वह दर्द से कराहती रही। जब हालत ज्यादा खराब हो गई तो बेपरवाह डॉक्टर ने प्रसूता को बिलासपुर ले जाने की सलाह देते हुऐ सिम्स रेफर कर दिया। प्रसूता ने सिम्स पहुंचते ही दम तोड़ दिया। साथ में दुनिया में आने से पहले जुड़वा बच्चे की भी मौत हो गई। इन मौतों ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। इन तीन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है, हर बार की तरह स्वास्थ्य विभाग अपना पल्ला झाडऩे में लगे हुए है।
काश! ड्यूटी पर होते डॉक्टर तो बच जाती तीन जान
रविवार की रात 10 बजे प्रसव पीड़ा से तड़पती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची प्रसूता को समय रहते उपचार मिल गया होता तो तीन जान बच सकती थी। परिजनों की मानें तो रात 10 बजे लेकर सोमवार की सुबह तक प्रसूता दर्द से तड़पती रही, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों को दया नहीं आई। यदि चिकित्सक ध्यान दिए होते तो प्रसूता व जुड़वा बच्चे की जान बच सकती थी।

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