आस्था का केंद्र है दादा महाराज का मंदिर

Ajay Khare

Publish: Feb, 16 2017 09:29:00 (IST)

Narsinghpur, Madhya Pradesh, India
आस्था का केंद्र है दादा महाराज का मंदिर

हर शनिवार को लगता है श्रद्धालुओं का मेला, दूर दूर से आते हैं दर्शनार्थी

नरसिंहपुर। शहर से करीब 6 किमी दूर एनएच 26 पर बना दादा महाराज का मंदिर आस्था का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से दर्शन और मनौती के लिए आते हैं। शनिवार को दर्शन के विशेष महत्व के चलते इस दिन श्रद्धालुओं का मेला देखने को मिलता है।

और मोड़ दिया गया एनएच  
कहा जाता है कि मंदिर की खासियत यह है कि एनएच के निर्माण के समय मंदिर बीच में आने पर इसे हटाने का प्रयास करने वाले अफसरों को अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद हार कर एनएच का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया और मंदिर यथावत बना रहा। इस मार्ग से गुजरने वाले ज्यादातर लोग यहां रुककर दर्शन जरूर करते हैं और अपनी यात्रा की कुशलता की कामना करते हैं।

दूल्हा देव का है यह मंदिर
यह मंदिर मूल रूप से दूल्हा देव का है जिनकी दादा महाराज के रूप में पूजा अर्चना की जाती है। अपने घरों में होने वाले मंगल कार्यों पर व  प्रमुख अवसरों पर लोग यहां दर्शन करने जरूर आते हैं। श्रद्धालुओं का ऐसा विश्वास व मान्यता है कि यहां अर्जी लगाने पर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

शनिवार को विशेष दर्शन
शनिवार के दिन दादा महाराज के दर्शन की विशेष मान्यता है जिसकी वजह से इस दिन यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। दिनों दिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बहुत से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने यहां फल-फूल माला और प्रसाद की दुकानें खोल ली हैं। चाय-पान और खाद्य सामग्रियों की दुकानें खुल गई हैं जिससे कई लोगों की गुजर बसर हो रही है।

 

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