कान बहने, गला बैठने का मर्ज बढ़ा, ईएनटी स्पेशलिस्ट ही नहीं

Narsinghpur, Madhya Pradesh, India
कान बहने, गला बैठने का मर्ज बढ़ा, ईएनटी स्पेशलिस्ट ही नहीं

 जिला अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट हुए रिटायर

नरसिंहपुर।जिला अस्पताल में अब नाक, कान,गला से संबंधित बीमारी से ग्रस्त मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में ईएनटी डॉक्टर ही नहीं हैं। जिला अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर वी कुमार बुधवार को रिटायर हो गए। उनकी जगह किसी नए डॉक्टर की पदस्थापना नहीं की गई है। अभी जिला अस्पताल में हर दिन करीब 20 से 25 मरीज कान,गला एवं नाक की बीमारी से परेशान होकर इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें सबसे ज्यादा कान के मरीज आते हैं। इस समय कान बहने की शिकायत लेकर पहुंचनेवालों की मरीजों की संख्या खासी ज्यादा हैं। गले में संक्रमण की शिकायतें भी खूब सामने आ रहीं हैं। इन सभी मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टरों के यहां जाना पड़ेगा। जिला अस्पताल में वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बेहद कमी है। हालत यह है कि स्वीकृत पदों से काफी कम संख्या में डॉक्टर पदस्थ हैं। वहीं हर साल इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ईएनटी स्पेलिस्ट डॉक्टर के रिटायरमेंट के बाद एक डॉक्टर की और कमी हो गई है।

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