खाम पुराने फेरे नए, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में घोटाले की तैयारी

ajay khare

Publish: Apr, 21 2017 10:18:00 (IST)

Narsinghpur, Madhya Pradesh, India
खाम पुराने फेरे नए, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में घोटाले की तैयारी

जनपद पंचायत साईंखेड़ा में 29 अप्रैल को होने वाले विवाह समारोह में फेरों के लिए पुराने खामों पर किया जा रहा है रंग रोगन  

नरसिंहपुर/सांईखेड़ा। जनपद पंचायत साईंखेड़ा में 29 अप्रैल को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में नए जोड़े पुराने खामों के चारों ओर परिक्रमा कर फेरे लेंगे। यहां जनपद पंचायत पिछले साल आयोजित विवाह समारोह में उपयोग किए गए खामों पर रंग रोगन करा कर उन्हें नया बना रही है जबकि हिंदू परंपरा के अनुसार एक बार फेरों के लिए उपयोग किए गए खामों को अन्य किसी जोड़े के विवाह के लिए उपयोग नहीं किया जाता। जनपद के इस काम से जहां लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं वहीं यह भी चर्चा है कि पुराने खाम को नया बनाकर हजारों रुपयों के फर्जी बिल लगाने की तैयारी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सरकारी खर्च पर  गरीब वर्ग के युवक युवतियों का विवाह कराया जाता है। हिंदू रीति रिवाज से विवाह के लिए मंडप बनाए जाते हैं और फेरों के लिए खाम भी गाड़े जाते हैं जो यहां आम तौर पर आम की लकड़ी से तैयार किया जाता है। फेरों के लिए इसका उपयोग होने के बाद इसे खोल कर रख दिया जाता है। 

 जनपद सांईखेड़ा में  आगामी  अक्षय तृतीया के दिन मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन रखा गया है। जिसमें बुधवार तक 34 पंजीयन होने की जानकारी मिली है, पंजीयन की अंतिम तिथि  20 अप्रैल थी। शादियों को लेकर की जा रहीं तैयारियों में फेरों के लिए खाम भी तैयार किए जा रहे हैं। बुधवार को पत्रिका संवाददाता ने तैयारियों का जायजा लिया तो एक कारीगर पिछले वर्ष के सम्मेलन में प्रयुक्त हो चुके फेरे लेने वाले खामों को सुधार कर उनमें रंग रोगन करता मिला। पूछने पर उसने बताया  कि विवाह सम्मेलन के लिए खाम ठीक कर रहा है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की सबसे समृद्ध जनपद पंचायत सांईखेड़ा के पास क्या इतना भी पैसा नहीं कि गरीबों के लिए नए खाम ले सके। लोगों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि पुराने खामों को नया दर्शाकर कोई घपला करने की तैयारी है। यदि खाम जैसे आइटम को लेकर गोलमाल किया जा रहा है तो   विवाह के अन्य खर्चे एवं उपहार आदि में कितना घोटाला किया जा सकता है। 
इनका कहना है
यदि पुराने खामों को नया रूप देकर उनका उपयोग किए जाने की तैयारी की जा रही है तो इस बारे में संबंधित सीईओ से बात की जाएगी। विवाह में रीति रिवाजों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
प्रतिभा पाल, सीईओ जिला पंचायत

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