महिला के साथ अमानवीय व्यवहार की हद पार

vikram ahirwar

Publish: Feb, 17 2017 02:10:00 (IST)

Neemuch, Madhya Pradesh, India
महिला के साथ अमानवीय व्यवहार की हद पार

 चुनावी रंजिश के चलते मनासा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ कुछ लोगों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी, लेकिन हद तो तब हो गई जब पीडि़ता इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची, तो बिना रिपोर्ट लिखे ही उसे रवाना कर दिया।


चुनावी रंजिश में हुई मारपीट, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
  
    
    रतलाम/नीमच। मनासा थानांतर्गत ग्राम लोढाखेड़ा में एक महिला के साथ कुछ लोगों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी। गांव के कुछ लोगों ने महिला के साथ मारपीट कर बोतल में भरकर उसे मूत्र पिलाया। बाद में मुहं में चप्पल डालकर पूरे गांव में उसका जुलूस भी निकाला, हद तो तब हो गई जब इस घटना की शिकायत लेकर महिला मनासा पुलिस थाने पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखे बगैर उसे वहां से भगा दिया।


एसपी से शिकायत करने पर हुआ केस दर्ज
    जानकारी के अनुसार घटना 12 फरवरी की है, जिसकी शिकायत पीडि़ता ने 13 फरवरी को थाने पर की, लेकिन पुलिस ने मामले में केस दर्ज करने के बजाय उसे चलता कर दिया। हाल ही में जब गुरुवार को महिला के साथ हुई घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस के होश उड़ गए। महिला ने इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक से शिकायत की तब जाकर केस दर्ज किया गया। पुलिस की माने तो फिलहाल सभी आरोपी फरार चल रहे हैं।



चुनावी रंजिश का है मामला
    जानकारी के अनुसार ग्राम लोढाखेड़ा के रहने वाले एक व्यक्ति उसकी पत्नी व बेटे के साथ 12 फरवरी को गांव लोढाखेड़ा जा रहे थे, रास्ते में इन्हें पास के गांव के कैलाश और उसके साथियों ने रोका ओर तीनों को बाईक पर जबरन बिठाकर सावनकुंड ले गए, वहां पर महिला व उसके पति के साथ पहले मारपीट की, फिर गांव में उनका जुलूस निकाला गया। बाद में महिला को मूत्र पिलाया और मुहं में चप्पल डाली गई, घटना चुनावी रंजिश व सामाजिक लड़ाई के चलते होना बताई जा रही है। आरोपियों ने महिला के साथ छेड़छाड़ की और बाद में उसका पूरा वीडियो भी बनाया गया, घटना के बाद से पीडि़ता का पुत्र लापता है, उसने बेटे के अपहरण का आरोप लगाया है।


पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
    घटना के एक दिन बाद 13 फरवरी को पीडि़ता जब मनासा थाने पहुंची, तो वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई, घटना की पूरी जानकारी देने के बाद भी थाने पर मौजूद अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी ओर भगा दिया, बाद में पीडि़ता पति पत्नी एसपी मनोजकुमार सिंह से मिले और पूरी घटना बताई, बाद में एसपी ने थाने के अधिकारियों को फटकार लगाई, तब जाकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया, इस घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस न तो आरोपियों को पकड़ सकी है, ओर न ही पीडि़ता के बेटे को तलाश कर पाई है।



नहीं हुई मूत्र पिलाने की पुष्टि
    बंजारा समाज का मामला है। जानकारी मिलने पर  आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए है। मामले में लड़के के अपहरण की बात भी कही जा रही है। लेकिन ऐसा लगता नहीं की उसका अपहरण किया होगा, महिला को मूत्र पिलाने की पुष्टि नहीं हुई है। उसके पति ने जो वीडियो दिया है, उसमें भी कहीं मूत्र पिलाते हुए नहीं दिख रहा है। अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
- मनोजकुमार ङ्क्षसह, पुलिस अधीक्षक

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