आधा किलोमीटर तय करने में लग रहे 24 घंटे

vikram ahirwar

Publish: Feb, 17 2017 02:49:00 (IST)

Neemuch, Madhya Pradesh, India
आधा किलोमीटर तय करने में लग रहे 24 घंटे

    लहसुन की बंपडी में पैर रखने की जगह नहीं बची है, ऐसे में लहसुन से लदे वाहनों की कतार एक ओर केंद्रीय विद्यालय तो दूसरी ओर रेलवे स्टेशन तक पहुंच चुकी थी।

लहसुन गेट के दोनों ओर लगी दूर-दूर तक वाहनों की कतार



    रतलाम/नीमच। मौसम की अनुकूलता से इस बार लहसुन की बंपर आवक हुई है। जिसके चलते मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं नजर आती है, ऐसे में मुख्य द्वार से एक ओर केंद्रीय विद्यालय तक तो दूसरी ओर रेलवे स्टेशन तक लहसुन से लदे वाहनों की कतार लगी है। ऐसे में इस आधा किलोमीटर के दायरे को पार करने में किसान को 24 घंटे से अधिक का समय ल रहा है।
    यह हम नहीं कह रहे हैं, यह स्वयं उन किसानों का कहना है, जो बुधवार से आए हैं, लेकिन मंडी में पैर रखने की जगह भी नहीं बचने के कारण सड़क पर ही कतार में खड़े प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं।
वाहनों की आवाजाही में आ रही दिक्कतें
    बंपर आवक के चलते किसानों को लहसुन के ढेर करने से लेकर नीलाम होने तक काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पहले तो उन्हें मंडी में प्रवेश मिलने में 24 घंटे से अधिक समय लग रहा है। फिर इसके बाद ढेर करने के लिए जगह मिलना, उसके बाद सही समय पर नीलामी हुई तो ठीक, अन्यथा अगले दिन का फिर इंतजार करना पड़ता है। इसी के साथ किसान को ढेर करने के बाद जब समय से लहसुन नीलाम नहीं हो तो किसान को ढेर संभालना किसी चुनौती से कम नजर नहीं आता है, क्योंकि ढेर के आसपास से निकलने वाले लोग व वाहन लहसुन को रौंदते हुए निकलते हैं।
प्रतिदिन 20 हजार से अधिक की आवक
    नीमच की लहसुन मंडी प्रदेश में जानी मानी है, यही कारण है कि यहां क्षेत्र सहित दूर दराज के किसान आते हैं, क्योंकि लहसुन मंडी काफी कम शहरों में है, वहीं दूसरी ओर किस्म अनुसार किसान को यहां अच्छे दाम भी मिलते हैं, इस कारण किसान दो से तीन दिन कतार में खड़े होने से भी नहीं कतराता है। वर्तमान में करीब 20 हजार बोरी लहसुन की आवक हो रही है, जिसमें 13 से 15 हजार बोरी तक नीलाम हो जाती है, शेष अगले दिन के लिए बच जाती है, इसी कारण लहसुन से लदे वाहनों की कतार में निरन्तर वृद्धि होती जा रही है।
हर दिन बढ़ रही कतार
    पहले दिन जो कतार किलेश्वर महादेव मंदिर मुख्य द्वार तक पहुंची थी, वह दूसरे दिन ओर बड़ी, तीसरे दिन सीआरपीएफ मेहता गेट तक पहुंच गई थी, लेकिन चौथे दिन सारे रिकार्ड तोड़कर केंद्रीय विद्यालय तक पहुंच गई, वहीं दूसरी ओर यह कतार रेलवे स्टेशन तक पहुंच चुकी थी।
आधा किलोमीटर की दूरी करने में लग रहे 24 घंटे
    जो ट्रेक्टर ट्राली एक घंटे में 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं, उन्हें मंडी पहुंचने के बाद आधा किलोमीटर का फासला तय करने में 24 घंटे से अधिक का समय लग रहा है।

    मैं लहसुन लेकर बुधवार रात को आ गया था, लेकिन उस समय गेट बंद था, इस कारण प्रवेश नहीं मिला, दोपहर के 2 बज गए हैं, अभी तक बाहर ही खड़े हैं, पता किया तो बता रहे हैं कि शाम को ही प्रवेश मिलेगा। ऐसे में 24 घंटे हो जाएंगे।
-आशाराम पूर्बिया, किसान
    हम बुधवार सुबह से लहसुन लेकर आए हैं, 24 घंटे से अधिक समय हो गया, लेकिन अभी भी कतार में खड़े हैं, गेट पर पता किया तो पता चला कि शाम को प्रवेश मिलेगा, जब अंदर के ढेर तुल कर हट जाएंगे।
-किशोर कुमावत, किसान




Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned