नीमच में सीआरपीएफ गेट तक पहुंची लहसुन से लदे वाहनों की कतार

vikram ahirwar

Publish: Feb, 16 2017 05:31:00 (IST)

Neemuch, Madhya Pradesh, India
नीमच में सीआरपीएफ गेट तक पहुंची लहसुन से लदे वाहनों की कतार

लहसुन की बंपर आवक होने के कारण लगातार किसानों को एक से दो दिन का इंतजार अपनी उपज बेचने के लिए करना पड़ रहा है। यह स्थिति सोमवार से प्रारंभ हुई जो लगातार जारी है।


किसानों को करना पड़ रहा लहसुन बेचने के लिए इंतजार
    
   
रतलाम/नीमच। दिनों दिनों लहसुन की आवक में बढ़ोतरी होती जा रही है। इसके चलते जहां लहसुन के ढेर प्याज मंडी ओर शेड के बीच से निकालने वाले रास्तों तक जा पहुंचे हैं, वहीं लहसुन से भरे वाहनों की कतार भी बुधवार को बढ़कर सीआरपीएफ के मेहता गेट तक पहुंच गई थी, ऐसे में किसानों को लहसुन बेचने के लिए एक से दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।


मंडी प्रांगण में हर जगह लगे ढेर
    सोमवार से लहसुन मंडी में बंपर आवक हो रही है, क्योंकि इस समय लहसुन कटाई का दौर शुरू हो गया है, इसी कारण मंडी में पैर रखने की जगह तक नजर नहीं आ रही है। बुधवार को लहसुन मंडी में हर जगह लहसुन के ढेर लगे नजर आए, बुधवार को प्याज मंडी, मंडी में बने शेड के रास्तों, मुख्य द्वार के समीप सहित हर उस जगह पर लहसुन ढेर नजर आए, जहां किसान लहसुन के ढेर कर सकता है।




बाहर खड़े थे वाहन, अंदर जगह रोक रहे थे किसान

    बंपर आवक के चलते किसानों को मंडी के बाहर ही खड़े होकर प्रवेश का इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि जब तक अंदर के ढेर नीलाम होकर तुल नहीं जाते हैं, तब तक बाहर खड़े वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाता है, इसी के चलते जैसे ही कोई ढेर मंडी परिसर में तुल कर हट जाता है, वैसे ही किसान तुंरत अपने साथ लाई पल्ली व बोरी बिछाकर जगह रोक लेता है, ताकि जैसे ही मंडी में वाहन को प्रवेश मिले, वह अपनी लहसुन का ढेर कर सके।
सैंकड़ों वाहन खड़े कतार में, 15 से 20 हजार बोरी हो रहा ढेर
    मौसम की अनुकूलता के चलते इस बार लहसुन की बंपर आवक हुई है, साथ ही मंडी में क्षेत्र सहित दूर दराज के लहसुन की आवक हो रही है, क्योंकि नीमच मंडी लहसुन के अच्छे दाम मिलने के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, यही कारण है कि दूर दराज के किसान भी यहां अपनी लहसुन बेचने के लिए आते हैं। बुधवार को लहसुन मंडी के बाहर दोनों ओर दो दो वाहनों की कतार में करीब 500 से 600 वाहन खड़े प्रवेश का इंतजार कर रहे थे, वहीं मंडी प्रांगण में भी प्रतिदिन 15 से 20 हजार बोरी के ढेर हो रहे हैं।




लहसुन बेचने किसान को लग रहे दो दिन

    अधिक आवक के चलते वर्तमान में लहसुन लेकर आने वाले किसानों को एक से दो दिन का समय लग रहा है, क्योंकि पहले किसान को कतार में खड़ा होकर मंडी में प्रवेश का इंतजार करना पड़ता है, फिर प्रवेश मिलने के बाद लहसुन ढेर करने के बाद नीलामी होती है, चूकि ढेर करने के बाद काफी ढेर ऐसे रहते हैं, जो पहले दिन के छूटे हुए होते हैं, इस कारण पहले पुराने ढेर नीलाम होते हैं, फिर बाद वाले का नंबर आता है, इस कारण वर्तमान में अधिकतर किसानों को एक से दो दिन का समय लहसुन बेचने में लग रहा है।
  


 सोमवार शाम को आए थे, मंगलवार दोपहर प्रवेश मिला, बुधवार हो गया, लेकिन लहसुन शाम 4 बजे तक नीलाम नहीं हुई, अब गुरुवार को ढेर की नीलामी संभव है, ऐसे में दो दिन से मंडी में ही रहना, सोना ओर भोजन किया जा रहा है।
-सुरेंद्र सिंह, किसान  
   


मंगलवार से लहसुन लेकर आया हूं, लेकिन बुधवार शाम हो गई, नीलामी तक नहीं हुई है। अब बुधवार को ही लहसुन नीलाम होगी, वर्तमान में सभी किसान को लहसुन बेचने के लिए एक से दो दिन का समय लग रहा है।
-कृष्ण पाल, किसान

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