भाजपा के केवल इस विधायक ने दिया अपनी प्रॉपर्टी का हिसाब-किताब

Noida, Uttar Pradesh, India
भाजपा के केवल इस विधायक ने दिया अपनी प्रॉपर्टी का हिसाब-किताब

पीएम मोदी ने भी भाजपा विधायकों व सांसदों से भी खातों की जानकारी देने काेे कहा था

मेरठ। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने विधायकों और सांसदों से उनके खातों की जानकारी देने की बात कहकर पार्टी के अंदर हलचल मचा दी है। अब विधायकों और सांसदों ने अपने अकाउंट खंगालने शुरू कर दिए हैं। ताज्जुब की बात तो ये है यूपी में भाजपा के सभी विधायकों में एक ही विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने सचिवालय को अपने खातों की जानकारी दी हुई है। वर्ना ऐसा कोई विधायक नहीं जिन्होंने अपने खातों की जानकारी दी हो।

विधायकों में मची हलचल 

नोटबंदी के फैसले के बाद पीएम मोदी पर आरोप लगने शुरू हो गए थे कि भाजपा सांसदों और विधायकों ने अपने पैसे पहले ही व्‍हाइट कर लिए थे और अब देश की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आरोपों को खारिज करने के लिए फरमान जारी कर दिया कि निश्चित अवधि में भाजपा के सभी सांसदों और विधायकों को अपने बैंक खातों का ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। मोदी के फरमान के बाद सांसदों और विधायकों में हलचल मच गई है। वहीं, दूसरी ओर विधानसभा सचिवालय द्वारा 30 जून तक संपत्ति का ब्यौरा देने के मामले में सिर्फ एक ही ऐसा भाजपा विधायक है, जिन्‍होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है। 

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सिर्फ इनका ब्यौरा आया सामने 

विधानसभा सचिवालय में मेरठ के भाजपा विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई के खाते में संपत्ति का ब्यौरा देने का रिकॉर्ड दर्ज है। अब सवाल उठना लाजिमी है कि बाकी विधायकों ने इसकी अनदेखी क्यों की? विशेषज्ञ कहते हैं कि विधानसभा सचिवालय में संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य जरूर किया है लेकिन दंड का प्रावधान नहीं है, इसलिए किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। अब मोदी के फरमान के बाद सभी पर तलवार लटक गई है। ऐसे में अब भाजपा के विधायकों और सांसदों के खातों की जानकारी भी सामने होगी। गौरतलब है कि भाजपा हमेशा से ही दूसरी पार्टियों पर अधिक धन रखने का आरोप लगाती रही है। 

क्या कहते हैं पार्टी के अधिकारी 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की मानेंं तो भाजपा राजनीति में आदर्श स्थापित करने वाली पार्टी है। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद पार्टी फॉर्मेट तैयार कर रही है। हमारे सांसद और विधायक सार्वजनिक तौर पर अपना ब्यौरा देंगे। गौरतलब है कि भाजपा में 41 विधायक हैं और करीब दर्जन भर दूसरे दलों से भी आए हैं। इन विधायकों ने नोटबंदी के बाद से अपने बैंक खातों के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।

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