सोने से लदे रहते हैं ये बाबा, कभी पीठ पर लादकर बेचते थे कपड़े

Noida, Uttar Pradesh, India
सोने से लदे रहते हैं ये बाबा, कभी पीठ पर लादकर बेचते थे कपड़े

पिछले साल करीब चार करोड़ का साढ़े 12 किलो सोना पहनकर निकले थे गोल्‍डन बाबा

नोएडा। हर साल की तरह इस बार भी गोल्डन बाबा मीडिया में छाए हुए हैं। साने के जेवरों से लदे बाबा जहां से गुजरते हैं, वहां का ट्रैफिक अपने आप थम जाता है। इस बार भी जब गोल्डन बाबा कांवड़ लेकर मुजफ्फरनगर से गुजरे तो लोग उन्‍हें देखते ही रह गए।
हालांकि, इस बार वो 11 किलो सोना पहनने की बजाए नौ किलोग्राम सोना पहने ही नजर आए। वो 25 वर्ष से हरिद्वार से दिल्ली गंगा जल लेकर जाते हैं। गोल्डन बाबा ने गले में सोने की मोटी-मोटी चेन पहनी हुई थी। हाथों पर सोने के कवच चढ़े और उंगलियों में भारी-भारी अगुंठियां पहनी हुई हैं।

गोल्डन बाबा के साथ इनके सुरक्षा गार्ड भी हैं और 300 लोगों का एक दल इनके साथ चल रहा है। गोल्डन बाबा के अनुसार, उन्होंने कभी ये पता करने की कोशिश नहीं की कि उनके पास कितना सोना है, क्योंकि ये सोने को इष्ट देवी-देवता मानते हैं। गोल्डन बाबा के अनुसार, वो गले में ही सात से आठ किलो सोना पहनते थे, लेकिन गले की एक नस दबने के कारण गले में सोना पहनना कम कर दिया है। वो 1973 से सोना पहनते आ रहे हैं। जब सोने का मूल्य मात्र 250 रुपये तोला होता था। उस समय वे तीन-चार तोले सोना ही पहनते थे। उनकी बहानी भी बहुत दिलचस्‍प है।

दरअसल, गोल्डन बाबा का असली नाम सुधीर कुमार मक्‍कड़ है, जो मूलरूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्‍कड़ संन्‍यास लेने से पहले दिल्‍ली में गारमेंट्स का कारोबार करते थे। फिलहाल दिल्ली के गांधी नगर की अशोक गली में बाबा का आश्रम भी है। जब उन्होंने अपना कारोबाद बंद किया था तब उनका टर्नओवर डेढ़ सौ करोड़ का था। वो कभी हरकी पैड़ी पर चार-चार आने की माला और पीठ पर लाद बाजार में कपड़े बेचते थे।

गुरु ने दिया था नाम


गोल्डन बाबा ने बताया था क‍ि जब वो कारोबार किया करते थे, तब उन्होंने कई गलतियां की हैं। अब उन्हीं पापों को प्रायश्चित करने के लिए उन्होंने संन्यास का रास्ता चुना। गोल्डन बाबा को 2013 में हरिद्वार में उनके गुरु चंदन गिरी जी महाराज ने उन्हें ये नाम दिया था। एक निजी वेबसाइट के मुताबिक, गोल्डन बाबा बताते हैं कि उनके पास साढ़े तीन किलो वजन की सोने की एक जैकेट है। इसके अलावा 27 लाख रुपए की हीरे से जड़ी घड़ी, दसों उंगलियों में सोने की अंगूठी, बाजूबंद, सोने का लॉकेट है।

कितना खर्च करते हैं सुरक्षा में

एक बेवसाइट की खबर के मुताबिक सोने से लदे होने के कारण गोल्डन बाबा की सुरक्षा में लाखों खर्च होते हैं। बाबा की सुरक्षा पर हर साल तकरीबन दस लाख का खर्च आता है। वहीं गोल्डन बाबा अपने कांवड़ यात्रा के दौरान हुई खर्च की बात करते हुए बताते हैं कि पहले ढाई सौ रुपये में कांवड़ लेकर जाया करते थे, लेकिन उन्होंने दावा किया है कि 2015 में जब वो कांवड़ लेकर गए थे तो उस समय सवा करोड़ रुपए खर्च किए थे। बाबा ने उससे पहले 72 लाख रुपए खर्च किए थे।

पिछले साल पहना था इतना गहना


गोल्डन बाबा पिछले साल करीब चार करोड़ का साढ़े 12 किलो सोना पहनकर निकले थे। वो अपने 30 निजी गार्ड्स और 350 कांवड़ियों के दल और अनुयायियों के साथ निकले थे।

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