पत्रिका एक्सक्लूसिवः   योगी की पुलिस ने फरियाद लेकर थाने गई युवती के परिजनों को ही भेज दिया जेल

Noida, Uttar Pradesh, India
पत्रिका एक्सक्लूसिवः   योगी की पुलिस ने फरियाद लेकर थाने गई युवती के परिजनों को ही भेज दिया जेल

केस दर्ज करने के बजाए पुलिसवालों ने युवती पर समझौते का दवाव डालना  कर दिया शुरू

नोएडा. अगर थाने में फरियादी के साथ सही व्यवहार नहीं किया गया तो संबंधित पुलिसकर्मी की खैर नहीं रहेगी। ये बयान उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया ने 16 जून को सूरजपुर पुलिस हैडक्वाटर में दिया था। इसके बाद भी नोएडा के थानों में फरियादी के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, जिसे देखकर लगता है सत्ता बदल गई है, लेकिन पुलिस का चाल, चरित्र और चेहरा नहीं बदला है। ये उस महिला का बयान है, जो अपने एम्प्लॉयर के खिलाफ मोलेस्ट्रेशन की फरियाद लेकर थाने गई थी। दरअसल, नोएडा के सैक्टर 63 में एक नामी इंजीनिरिंग कंपनी में मैनेजर ऑपरेशन के पद पर काम करने वाली युवती ने कंपनी के डायरेक्टर पर मोलेस्ट्रेशन की शिकायत दर्ज कराने थाना फेज 3 पहुंची तो पुलिसवालों ने युवती पर समझौते का दवाव डालना शुरू कर दिया। इस दौरान पीड़िता को 10 घंटे तक इधर से उधर टरकाया जाता रहा। इससे आहत होकर उन्होंने कहा कि लगता है कि डीजीपी की नसीहत से नोएडा पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया है।    

        
जब युवती पुलिस के दबाव में नहीं आई, तब पुलिस ने महिला की एफ़आईआर दर्ज कर ली। इसी दौरान कंपनी का डायरेक्टर कुछ लोगों के साथ थाने पर पहुंचा और उसके बाद थाने का माहौल बदल गया। थाने में मौजूद महिला और उसके परिवार वालों पर प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। युवती के भाई और उसके पति को पुलिस के साथ बदसलूकी का इल्जाम लगा कर लॉक-अप में डाल दिया। युवती को उसके मां-बाप और बेटे के सामने गंदी-गंदी गलिया दी गई। कहा गया देखते हैं तू कैसे समझौता नहीं करती है।

 
पुलिस ने युवती के मां-बाप को हिरासत में रखा। बीमार पिता की तबीयत बिगड़ने लगी तब उनसे माफीनामा लिखवा कर रात 3 बजे छोड़ा गया। महिला के भाई और उसके पति का 151 में चालान कर दिया गया। जिनकी जमानत सिटी मजिस्ट्रेट के ऑफिस से हुई।  इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर से संपर्क करने की कई कोशिश के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि युवती कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज़ कर लिया गया था। उसी समय कंपनी का डायरेक्टर थाने पहुंच गया और आरोप लगाया कि युवती ने पैसों की गड़बड़ी की है। उसे कंपनी से निकाला जा रहा है, जिसके कारण एफआईआर दर्ज करा रही है, लेकिन थाने में युवती और परिजनों ने आरोपी को चांटा मार दिया और पुलिस के साथ बदसलूकी की। ये लोग कही कोई संगेय अपराध  न कर दें। इसलिए दो लोगों को 151 मे चलान कर जेल भेजा गया।

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