तीसरे दौर में समाजवादी पार्टी का वर्चस्व तोड़ना बड़ी चुनौती

Noida, Uttar Pradesh, India
तीसरे दौर में समाजवादी पार्टी का वर्चस्व तोड़ना बड़ी चुनौती

सपा ने 2012 में इस दौर की सीटों में से 55 सीटों पर जीत दर्ज की थी

नई दिल्ली/नोएडा। शुक्रवार शाम पांच बजे तीसरे दौर के लिए प्रचार अभियान थम जाएगा. तीसरे दौर में उन सीटों पर चुनाव होना है जिन्हें सपा का गढ़ कहा जाता है. पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को इन सीटों पर भारी बढ़त मिली थी.

मुलायम सिंह की राजनीति के गढ़ के रूप में होने एक कारण अक्सर इसे ‘यादव लैंड’ कहा जाता है. इसे मुलायम सिंह की राजनीति का असर ही कहा जा सकता है कि लगभग बारह जिलों की इस दौर में 12 जिलों की 69 सीटों के लिए 19 फरवरी को मतदान होगा. सपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव में 55 सीटों पर सफलता प्राप्त की थी. जबकि बसपा और भाजपा को क्रमशः छह और पांच सीटों पर ही जीत हासिल हुई थी. कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गयी थी.

इस दौर में फर्रुखाबाद की चार सीट, हरदोई की 8 सीट, कन्नौज की तीन सीट, मैनपुरी की चार सीट, इटावा की 3 सीट, औरैया में 3 सीट, कानपूर देहात की 4 सीट, कानपुर नगर की 10 सीट, उन्नाव की 6 सीट, लखनऊ की 9 सीट, बाराबंकी की 6 सीट और सीतापुर जिले की 9 सीटों पर मतदान होना है.

इस बार इस दौर में सपा कितनी सीटों पर जीत हासिल करती है, ये अपने आप में बहुत महत्त्वपूर्ण बात होगी. क्योंकि मुलायम सिंह और अखिलेश की तनातनी का कितना असर अखिलेश के ऊपर पड़ा है, वह इस दौर में साफ हो जाएगा. अखिलेश भी इस आशंका से बेखबर नहीं हैं. यही कारण है कि उन्होंने गुरुवार को इशारे-इशारे में शिवपाल यादव के ऊपर हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि जनता उन लोगों को माफ नहीं करेगी, जिन्होंने खुद उनके और मुलायम सिंह के बीच खायी पैदा करने की कोशिश की.

दरअसल मुलायम सिंह की राजनीति की जमीनी कार्रवाई उनके खास सिपहसलार शिवपाल के ही हाथों में हुआ करती थी. इसलिए शिवपाल का इस गढ़ में सपा नेताओं-कार्यकर्ताओं से बहुत अच्छा सम्पर्क है. शिवपाल यादव यूपी के अन्य क्षेत्र में एक मास लीडर के रूप में भले ही न जाने जाते हों, लेकिन इस बेल्ट में उनके अपने चाहने वाले बहुत हैं. इसीलिए यह आशंका जताई जा रही है कि इन सीटों पर भितरघात हो सकती है. जाहिर है कि एक बार दोबारा सत्ता में वापसी का ख़्वाब देख रहे अखिलेश के लिए ये बात बिलकुल खिलाफ जा सकती है.

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned