असमंजस दूर हो

Shankar Sharma

Publish: Jun, 20 2017 09:36:00 (IST)

Opinion
असमंजस दूर हो

जीएसटी लागू करने में सरकार के पास दस दिन का समय शेष है। इस समय का उपयोग जीएसटी के प्रावधानों और प्रक्रिया को और स्पष्ट करने में लगाना चाहिए

सरकार ने ठान ही लिया है तो वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) अब एक जुलाई से लागू होना तय है। जीएसटी को एक सितम्बर से लागू करने की मांग को नामंजूर करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नई कर-व्यवस्था एक जुलाई से ही अमल में लाने की बात कह दी। जीएसटी को लेकर व्यापारियों के साथ एक बड़े तबके में असमंजस है।

यह तबका जीएसटी के विरोध में नहीं है लेकिन इसके लिए थोड़ा और समय चाहता है। व्यवस्था को लागू करने वाला सरकारी तंत्र भी इसको लेकर पूरी तरह से तैयार है इस बात को विश्वास के साथ नहीं कहा जा सकता। सरकार का नोटबंदी का फैसला सही कदम माना जा सकता है लेकिन उसे जिस तरह लागू किया उसने अनेक विसंगतियां पैदा कर दी।

कहीं ऐसा न हो कि बिना तैयारी के जीएसटी भी उसी राह पर चल निकले। सरकार का मानना है कि नई कर व्यवस्था अपनाने में कुछ समय के लिए परेशानियां आ सकती हैं लेकिन दीर्घावधि में देश को इससे बहुत फायदा होने की उम्मीद है। लम्बे चिंतन-मंथन के बाद जीएसटी का लागू होना देश में एकीकृत बाजार की व्यवस्था को मजबूत करेगा। लेकिन छोटे व्यापारियों का अब भी मानना है कि जीएसटी के प्रावधान और प्रक्रियाएं जटिल हैं लिहाजा इसे समझने के लिए कुछ और समय मिलना चाहिए। सरकार आखिरी समय तक वस्तुओं पर करों की दरों में बदलाव कर रही है।

ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि इससे उनका व्यापार प्रभावित हो सकता है। साथ ही उन्हें 'इंस्पेक्टर राज' का डर भी सता रहा है। अधिकांश की चिंता ये भी है कि उन्हें अब पहले से अधिक फार्म भरने होंगे और कोई भी गलती उन्हें आर्थिक जुर्माना भरने को मजबूर कर सकती है।

बेहतर होता कि सरकार व्यापारियों की आशंकाओं का पहले समाधान करती। ये सही है कि जीएसटी के लागू होने में आने वाली परेशानियों को छोड़ दिया जाए तो नई व्यवस्था व्यापार में सुगमता लाएगी। केन्द्र के साथ राज्यों का राजस्व भी बढ़ेगा और देश की जीडीपी भी। जाहिर है इससे घाटे में कमी आएगी।

दीर्घावधि में विदेशी निवेश बढऩे के आसार भी बनेंगे। सरकार के पास दस दिन का समय शेष है। इस समय का उपयोग जीएसटी के प्रावधानों और प्रक्रिया को और स्पष्ट करने में लगाना चाहिए। व्यापारिक संगठनों को विश्वास में लेकर सरकार अधिक से अधिक गोष्ठियां और सवाल-जवाब करे।
GST

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned