फाइनल में हारीं तीनों महिला पहलवान, भारत के स्वर्णिम सपने पर भारी पड़ा जापान

NICS Team

Publish: May, 12 2017 10:28:00 (IST)

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फाइनल में हारीं तीनों महिला पहलवान, भारत के स्वर्णिम सपने पर भारी पड़ा जापान

आईजी स्पोटर्स कांप्लेक्स स्थित केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम में सीनियर एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता के महिला वर्ग में भारत के स्वर्णिम सपने पर शुक्रवार को कुश्ती का पॉवरहाउस कहा जाने वाला जापान भारी पड़ गया। रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और दिव्या काकरान स्वर्णिम इतिहास बनाने से चूक गईं।

नई दिल्ली. आईजी स्पोटर्स कांप्लेक्स स्थित केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम में सीनियर एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता के महिला वर्ग में भारत के स्वर्णिम सपने पर शुक्रवार को कुश्ती का पॉवरहाउस कहा जाने वाला जापान भारी पड़ गया। रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और दिव्या काकरान स्वर्णिम इतिहास बनाने से चूक गईं और तीनों ही पहलवानों को जापानी पहलवानों से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के हाथ कोई स्वर्ण पदक तो नहीं लगा, लेकिन उसकी महिला पहलवानों ने तीसरे दिन तीन रजत और एक कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों की संख्या अब तक तीन रजत सहित छह पहुंच गई है, जिसमें से पांच पदक महिलाओं के हैं। इससे पहले ज्योति ने गुरुवार को 75 किग्रा में कांस्य पदक जीता था।

2.44 मिनट में ढेर हुईं साक्षी
साक्षी के सामने फाइनल में रियो ओलंपिक की स्वर्ण विजेता, दो बार की विश्व चैंपियन और दो बार की एशियाई चैंपियन जापान की रिसाको कवई की चुनौती थी। कवाई ने मात्र दो मिनट 44 सेकंड में ही भारतीय पहलवान को धूल चटा दी। रिसाको ने 10-0 के अंतर से मुकाबला समाप्त कर दिया। जापानी पहलवान के लगातार 10वां अंक हासिल करते ही मुकाबला रोक दिया गया और उन्हें तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया। साक्षी के हाथ रजत पदक लगा जो एशियाई चैंपियनशिप में उनका पहला पदक है। साक्षी को पिछली एशियाई प्रतियोगिता में कोई पदक नहीं मिला था। साक्षी रियो ओलंपिक के बाद लगभग एक साल में पहला टूर्नामेंट खेल रही थीं।

विनेश संघर्ष के बाद हारीं
विनेश फोगाट ने 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जापान की सेइ नांजो के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया लेकिन उन्हें 4-8 से हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। विनेश रियो ओलंपिक में अपना घुटना चोटिल कर बैठी थीं और अपनी चोट से उबरने के बाद वापसी कर रही थीं। जापानी पहलवान ने पहले ही राउंड में 6-0 की बढ़त बना ली। विनेश ने दूसरे राउंड की शुरुआत में दो अंक लिए। उन्होंने आखिरी मिनट में नेंजो को अपने दांव में उलझाया और दो अंक लिए, लेकिन नेंजो ने जवाबी दाव में दो अंक लेकर 8-4 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

4.15 मिनट ही टिक पाईं दिव्या
दिन के अंतिम मुकाबले में दिव्या काकरान को 69 किग्रा वर्ग में जापान की सारा दोशो ने चार मिनट 15 सेकंड में चित कर स्वर्ण पदक जीत लिया। दिव्या कोई चुनौती पेश नहीं कर पाईं और चित होने के समय तक वह 0-8 से पिछड़ी हुईं थीं।

रितु को मिला वॉकओवर
48 किग्रा वर्ग में भारत की रितु के सामने चीन की युनान सुन को उतरना था, लेकिन चीनी पहलवान ने चोट के कारण वाकओवर दे दिया और रितु की झोली में कांस्य पदक आ गया। युनान वही पहलवान हैं, जिनके खिलफ रियो ओलंपिक में विनेश को चोट लगी थी।

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