घर बनाने के लिए सस्ते कर्ज देगी सरकार, रजिस्ट्री भी कम लगेगी

Sunil Sharma

Publish: Jun, 23 2017 02:16:00 (IST)

Project Review
घर बनाने के लिए सस्ते कर्ज देगी सरकार, रजिस्ट्री भी कम लगेगी

इको फ्रेंडली घरों को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ढेर सारी सहूलियतें देने पर विचार कर रही है

इको फ्रेंडली घरों को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ढेर सारी सहूलियतें देने पर विचार कर रही है। इसी के तहत ग्रीन हाउसिंग सोसायटी बनाने पर सरकार सस्ते कर्ज और रजिस्ट्री पर फीस जैसी अन्य सुविधाएं देगी। ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए केंद्र सरकार ग्रीन हाउसिंग कॉलोनियां बनाने की योजना ला रही है।

ग्रीन होम्स के एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड फॉर रेसीडेंशियल सेक्टर (ईसीबीसी-आर) कोड तैयार किया जा चुका है। यह नियम 2007 में सरकारी और व्यापारिक इमारतों से संबंधित कोड जैसा ही है। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को ईसीबीसी-2017 पेश कर सकते हैं। इसे रीयल्टी सेक्टर में इको फ्रेंडली निर्माण की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।

कम संसाधनों की जरूरत
सूत्रों के अनुसार ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफ़िशंसी (बीईई) एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे घरों को बढ़ावा देना है, जहां ऊर्जा का प्रभावी उपयोग हो। मतलब कि घरों में रोशनी या कूलिंग के लिए संसाधनों की कम जरूरत हो। इसी के तहत, वर्तमान रिहाइशी इमारतों में भी नए उपकरणों का इस्तेमाल करके ऊर्जा के कम और प्रभावशाली इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। ईसीबीसी-आर सरकार के मेक इन इंडिया कैंपेन को भी बढ़ावा देगा।

सोलर प्लांट दायरे में
केंद्र सरकार इसी की तर्ज पर रहवासी क्षेत्रों में छतों पर सोलर प्लांट को बढ़ावा देने का विचार कर रही है। ऐसी योजनाओं को कम ब्याज वाले होम लोन के दायरे में लाया गया है।

क्या है ग्रीन हाउस

ग्रीन हाउस वे घर होते हैं जो पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। इनमें पर्यावरण के मद्देनजर ऊर्जा, जल संसाधन और बिल्डिंग मटैरियल का उपयोग किया जाता है।

रोजगार भी मिलेगा
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण पर्यावरण पर पड़ते प्रभाव के मद्देनजर ईसीबीसी-आर से सरकार पर्यावरण को सुधारना चाहती है। इससे प्रॉपर्टी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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