एक दशक से जारी है सिलसिला..उम्र 80..सफर रोज 8 किमी...काम बापू की सेवा

suryapratap gautam

Publish: Dec, 01 2016 10:03:00 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
एक दशक से जारी है सिलसिला..उम्र 80..सफर रोज 8 किमी...काम बापू की सेवा

उम्र 80 साल। सरिया के जामपाली निवासी खेमानिधि माली इतनी उम्र के बावजूद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को पिछले 10 साल से...

संजीव कुमार शर्मा/रायगढ़. जब भी मैं बापू की प्रतिमा को धूल से सना हुआ, देखता था तो मुझे भीतर से बेहद दुख होता था। कई दिनों तक ऐसा ही चलता रहा, लेकिन एक रात ऐसा महसूस हुआ कि बापू मुझसे कुछ कहना चाहते है इसके बाद तो मेरा नजरिया बदल गया। मैंने उनकी प्रतिमा की सफाई का बीड़ा उठा लिया। बापू मेरे अंदर बसते हैं।

उम्र 80 साल। सरिया के जामपाली निवासी खेमानिधि माली इतनी उम्र के बावजूद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को पिछले 10 साल से नियमित पानी से धोने व उन्हें फूलों की माला पहनाने से कभी नहीं चूकते। देशभक्ति व अहिंसावादी विचारधारा वाले खेमानिधि की माने तो बापू, उनके तन व मन में बसे हुए हैं।  सर्दी हो या गर्मी और बरसात, लेकिन खेमानिधि का 8 किमी साइकिल चलाकर अपने गांव से सरिया मुख्यालय तक का सफर तय हैंं। धूल से सनी प्रतिमा को धोने के बाद उसे अपने ही गमछे से साफ भी करते हैं। इसके घर से बना कर लाए गए माला को राष्ट्रपिता के गले में पहनाते हैंं।

एक दशक से जारी है सिलसिला
स्थानीय लोगों के अनुसार जामपाली निवासी खेमानिधि ने करीब 10 साल पहले गांधी की प्रतिमा को धोने व माला पहनाने की कवायद शुरू की। लोगों को इस बात का पूरा भरोसा था कि यह सिलसिला कुछ दिनों में ठहर जाएगा। पर खेमानिधि ने लोगों की इस धारणा को तोड़ दिया।

मिलता है सुकून, शब्दों में बताना मुश्किल
इस संबंध में जब उनसे चर्चा की जाती है तो खेमानिधि, एक पल में ही भावुक हो जाते हैं। उनकी माने तो राष्ट्रपिता की प्रतिमा को साफ-सफाई व नमन के बाद सुकून मिलता है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। आज जब गांधी के नाम पर हो रही राजनीति का दौर है। इसमें मेरी इस दिनचर्या का किसी एक बच्चे पर भी प्रभाव पड़ता है, तो यह मेरी सफलता है। शुरू में जब मैने यह पहल की तो स्थानीय लोग मुझे पागल तक कहते थे, पर जब यह सिलसिला दिन, माह व सालों साल तक चला, तब उन्हें अपनी सोच पर शर्म आई। आज वो मुझे सम्मान भरी नजरों से देखते हैं।

100 बेस्ट तस्वीरों में गांधी का चरखा

MK Gandhi

न्यूयार्क टाइम पत्रिका ने 100 सबसे प्रभावशाली तस्वीरों में चरखा के साथ महात्मा गांधी की वर्ष 1946 की एक तस्वीर को शामिल किया है। तस्वीर में गांधी पतले गद्दे पर बैठेे हैं और उनके आगे उनका चरखा रखा है। इनकी तस्वीर मार्गरेट बौर्के-व्हाइट ने ली थी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned