पीएमओ व रेल मंत्री को ट्वीट कर फंसा ठेकेदार, फर्जी थी शिकायत, मजदूरों ने खुद गढ़ी कहानी...

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Jun, 19 2017 08:51:00 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
 पीएमओ व रेल मंत्री को ट्वीट कर फंसा ठेकेदार, फर्जी थी शिकायत, मजदूरों ने खुद गढ़ी कहानी...

चलती ट्रेन से 20 मजदूरों के लापता होने की शिकायत, रायगढ़ क्राइम ब्रांच व आरपीएफ की प्रारंभिक जांच में फर्जी निकला है।

रायगढ़. चलती ट्रेन से 20 मजदूरों के लापता होने की शिकायत, रायगढ़ क्राइम ब्रांच व आरपीएफ की प्रारंभिक जांच में फर्जी निकला है।

मजदूरों के मोबाइल का लोकेशन, कोलकाता के मेदनीपुर बता रहा है। जो मजदूरों का घर भी है। ऐसे में, मजदूरों द्वारा ठेकेदार से पैसे एठने के लिए झूठी कहानी गढऩे की बात कही जा रही है।

इधर पीएमओ व रेल मंत्री को ट्वीट करने व जांच में फर्जी शिकायत की बात सामने आने के बाद अहमदाबाद के ठेकेदार फंसता नजर आ रहा है।

हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से 20 मजदूरों के लापता होने के मामले में रायगढ़ आरपीएफ ने उस समय राहत की सांस ली।

देखें वीडियो :


जब रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने उन्हें इस बात की सूचना दी कि लापता मजदूरों का मोबाइल लोकेशन पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर बता रहा है। जो उक्त मजदूरों का घर भी है।

ऐसे में, यह बात कही जा रही है कि उक्त मजूदरों के खुद के चलती ट्रेन से लापता होने, फर्जी टीटीई द्वारा रुपए की मांग करने व ट्रेन से उतार कर गाड़ी में कहीं ले जाने की बात फर्जी है।

इधर रायगढ़ आरपीएफ को सूचना देने के बाद त्वरित कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री का ट्वीट करने के बाद ठेकेदार प्रदीप कुमार भी फंसता नजर आ रहा है।

जो बगैर मामले की जांच-पड़ताल किए बगैर व जांच शुरू होने के बाद उच्च स्तर पर ट्वीट कर पूरे मामले को एक नया मोड़ देने का काम किया है। ऐसे में, आरपीएफ व क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त ठेकेदार से संपर्क करने करने की कवायद तेज कर दी गई है।

मजदूर व ठेकेदार नहीं उठा हे फोन-
प्रारंभिक जांच मेंं मजदूरों के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद जब आरपीएफ व क्राइम ब्रांच ने ठेकेदार से संपर्क किया तो उन्होंने अपना फोन उठाना ही बंद कर दिया।

एक तरफ जहां मजदूरों का अपनी झूठी कहानी का पर्दाफाश होने का डर सता रहा है। वहीं ठेकेदार द्वारा ट्वीट कर रायगढ़ से लेकर अहमदाबाद तक बेवजह हडकंप मचाने व पूरे मामले को हाई प्रोफाइल बनाने की बात कही जा रही है। जिसकी वजह से ठेकेदार बैकफुट पर आते हुए फोन उठाना बंद कर दिया।

ठेकेदार से पैसा एठने की थी तैयारी-
क्राइम ब्रांच की माने तो प्रारंभिक जांच में मजूदरों का लोकेशन उनके घर के करीब है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि वो ट्रेन पकडऩे, हावड़ा जंक्शन पर आए ही नहीं थे।

वहीं बगैर रेल सफर किए ट्रेन के रायगढ़ पहुंचने के समय पर ठेकेदार को फोन किया। वहीं उसे फर्जी टीटीई व 4 पहिया वाहन में ले जाने की बात कह गुमराह करने की कोशिश की।

जिससे ठेकेदार उनके कहे अनुसार उनकेे खाते मेंं 30 हजार रुपए भेज दे। हालांकि यह हो ना सका और पहले ही मामले का खुलासा हो गया।

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