कच्चा बिल देकर फंसा फर्नीचर व्यवसायी, विभाग ने जब्त किए कागजात

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Jul, 17 2017 06:38:00 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
कच्चा बिल देकर फंसा फर्नीचर व्यवसायी, विभाग ने जब्त किए कागजात

लारा स्थित फर्नीचर मार्ट से रायगढ़ आ रहे साल लकड़ी के 10 नग चौखट मामले में व्यवसायी की मुश्किलें बढऩे लगी है।

रायगढ़. लारा स्थित फर्नीचर मार्ट से रायगढ़ आ रहे साल लकड़ी के 10 नग चौखट मामले में व्यवसायी की मुश्किलें बढऩे लगी है।

विभाग ने गाड़ी सहित उक्त चौखट को जब्त करने के साथ ही व्यवसायी केे प्रतिष्ठान पर भी दबिश दी। वहीं कुछ अहम दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया है।

जिससे यह पुष्ट हो सके कि उक्त चौखट, निलामी में खरीदें गए लकड़ी के ही हैं और कहीं और के।  विदित हो कि जब रायगढ़ वन मंडल के उडऩदस्त टीम ने गाड़ी को पकड़ा तो चौखट संबंधी कच्चा बील, गाड़ी चालक ने प्रस्तुत किया था। जिसके आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की।

रायगढ़ वन मंडल के उडऩदस्ता टीम ने रविवार को पकड़े गए 10 नग चौखट मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए लारा स्थित फर्नीचर मार्ट तक पहुंच गई है।

जहां से लोड कर 10 नग साल लकड़ी के चौखट को रायगढ़ लाया जा रहा था। जिसे विभाग ने जूटमिल रोड के पुराने बस स्टैंड के करीब पकड़ा था।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रेंज के अधिकारी उक्त लकड़ी दुकान जाकर चौखट से संबंधित दस्तावेजों को जब्त किया है। जिसका हवाला व्यवसायी व गाड़ी चालक द्वारा दिया गया था।

विभाग की माने तो उक्त व्यवसायी, विभाग द्वारा होने वाले निलामी में शामिल होता है और लकड़ी को खरीदाता है। पर चौखट वाले लकड़ी, निलामी वाले लकड़ी से बने है या फिर कोई और बात है।

इन सभी बिंदूओं पर जांच की जा रही है। इस बीच जांच के दौरान छोटा हाथी के चालक ने चौखट की सप्लाई को लेकर एक कच्चा बील भी दिया था। जो बगैर जीएसटी व टीन नंबर का था। प्रारंभिक जांच में सह सब गलतियां सामने आई है। जिसके बाद विभाग ने चौखट के साथ छोटा हाथी को जब्त कर मामले की विवेचना कर रही है।

बगैर टीपी नहीं होता परिवहन-
विभाग की माने तो अन्य लकडिय़ों की तरह साल लकड़ी के परिवहन पर भी रोक है।  किसान अपने खेत मेंं काटे गए साल पेड़ की लकड़ी को उठा कर घर लाता है

तो उसमें भी विभाग द्वारा दिए जाने वाले टीपी की जरुरत पड़ती है। यहां तो बकयादा एक स्थान से दूसरे स्थान गाड़ी की सप्लाई की जा रही है। जिसे देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

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