केस डायवर्ट करने रखी गई थी पटरियां

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Feb, 17 2017 12:02:00 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
केस डायवर्ट करने रखी गई थी पटरियां

8 फरवरी को लाखा के जंगल से मिले रेल पांत को पूर्व प्लानिंग के तहत विनोद माराठा ने अपने गुर्गो द्वारा कुछ घंटे पहले ही रखवाया है।

रायगढ़. 8 फरवरी को लाखा के जंगल से मिले रेल पांत को पूर्व प्लानिंग के तहत विनोद माराठा ने अपने गुर्गो द्वारा कुछ घंटे पहले ही रखवाया है।

जिसका खुलासा मास्टर माइंड विनोद के दाहिने हाथ माने जाने वाले सहयोगी राधे की गिरफ्तारी के बाद हुई है।

पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि जब आरपीएफ ने चौतरफा दबाव बनाया तो जांच टीम को भ्रमित व गुमराह करने के लिए यह खेल खेला गया।

वहीं इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि लाखा के जंगल में मिला रेल पांत, कोतरलिया से चोरी हुआ रेल पांत नहीं है। 
प्रारंभिक जांच में आकाश इंडस्ट्रीज में बरामद रेल पांत ही कोतरलिया से पार हुए रेल पांत माना जा रहा है।

कोतरलिया रेल पांत चोरी मामले में आए दिन एक नई कहानी सुनने को मिल रही है। नया मामला लाखा के जंगल से लावारिस हालत में मिले रेल पांत का है।

जिसे क्राइम ब्रांच ने 8 फरवरी को बरामद किया था। पर उक्त रेल पांत कोतरलिया से पार हुआ रेल पांत नहीं था।

बल्कि मास्टर माइंड विनोद मराठा की प्लानिंग का हिस्सा था। जिसका खुलासा उसके सबसे खास सहयोगी राधेश्याम यादव उर्फ राधे ने आरपीएफ की पूछताछ  में किया है।

राधे की माने तो जब आरपीएफ ने गिरफ्तारी को लेकर दबाव बनाया तो जांच टीम को गुमराह करने के लिए आनन-फानन में रातों-रात, कहीं दूसरी जगह से चोरी किए गए रेल पांत को लाखा के जंगलों में सजा कर रख दिया गया। जिसकी खबर मिलते स्थानीय पुलिस को देर ना लगी।

एक कदम आगे
गैंग के मास्टर माइंड को इस बात का भ्रम था कि रेल पांत की बरामदगी के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। पर आरपीएफ उसकी सोच से एक कदम आगे ही निकली।

आरपीएफ ने लाखा के जंगल से रेल पांत बरामद करने के साथ ही विनोद माराठा के दो अन्य सहयोगी को भी गिरफ्तार किया। जो चोरी हुए रेल पांत को एक स्थान से दूसरे स्थान शिफ्ट करते हैं।

मिलता गया सुराग, पकड़ाते गए आरोपी

कोतरलिया रेल पांत चोरी मामले में करीब दो सप्ताह तक आरपीएफ के हाथों विनोद माराठा गैंग के एक भी सदस्य नहीं आए थे।

पर दबाव इस कदर बढ़ गया कि गैंग द्वारा  अन्य जगह चोरी किए गए रेल पांत को लाखा के जंगलों में रखने की गलती कर गए।

जिसकी वजह से पहले दो उसके बाद आकाश इस्पात का एमडी कमल किशोर अग्रवाल व विनोद मराठा के प्रमुख राधे गिरफ्तार हुआ।

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