ACB Raid : रायपुर के ये भ्रष्ट अफसर एेसे बने करोड़पति, फिर पानी की तरह बहाया पैसा

Raipur, Chhattisgarh, India
   ACB Raid : रायपुर के ये भ्रष्ट अफसर एेसे बने करोड़पति, फिर पानी की तरह बहाया पैसा

राजधानी के चार अफसरों के घर पड़े छापे में एसीबी के अधिकारियों ने कई अहम खुलासे किए हैं

रायपुर. एसीबी और ईओडब्ल्यू की ओर से गुरुवार को 9 अफसरों के 15 ठिकानों पर मारे गए एक साथ छापों में एक अरब से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। ये छापे इन अफसरों के रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर, कोरिया, भिलाई और दंतेवाड़ा के आवासों पर डाले गए। राजधानी के चार अफसरों के घर पड़े छापे में एसीबी के अधिकारियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। जिसे पढ़कर आपका खून खौल जाएगा। इन भ्रष्ट अफसरों ने घोटाले कर-कर के इतना ऊपरी कमाई कर ली कि उसे अपने तनख्वाह के बारे में भी पता नहीं है। पत्रिका के इस खास रिर्पोटिंग में पढि़ए भ्रष्ट अफसरों ने कैसे जमा की कला कमाई...


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बेटे की शादी में जमकर बहाया पैसा, मेहमानों को कराई बीएमडब्ल्यू की सवारी

राजधानी स्थित समाज कल्याण विभाग में पदस्थ  एडिशनल डायरेक्टर मिश्रीलाल (एमएल) पांडे ने भ्रष्टाचार के मामले में फर्श से अर्श तक का सफर तय किया। पांडे की पोस्टिंग सबसे पहले सहायक ग्रेड-3 यानी तृतीय वर्ग के कर्मचारी के रूप में दुर्ग जिले के पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग में 1981 में हुई थी। इस अधिकारी ने लगातार तरक्की पाई और एडिशनल डायरेक्टर का मुकाम हासिल किया। इस बीच भ्रष्टाचार से कमाई राशि का निवेश इन्होंने रायपुर समेत मुंबई, पुणे सहित बड़े शहरों में जमीन और मकान में किया है। पांडे एसीबी की निगाह में तब चढ़े, जब इन्होंने पिछले दिनों रायपुरा स्थित निवास में अपने बेटे की शादी में जमकर पैसा बहाया और 2 करोड़ खर्च कर दिए। खर्च की गई राशि को भी सरकारी खर्चें में दिखाया गया। बेटे की शादी में आलीशान होटल बुक कराया गया था। शादी में आए मेहमानों को बीएमडब्ल्यू की सवारी कराई।


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गुंजाल के आलीशान पैलेस में केवल कारें आती थीं

बिलासपुर में पदस्थ औद्योगिक सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अविनाश गुंजाल पहले प्रदेश मुख्यालय में चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्टरीज भी रह चुके हैं। राजधानी के वीआईपी एस्टेट में बंगला नंबर बी-139 में उनका आलीशान मकान है। आसपास रहने वालों ने बताया कि उस मकान में यहां के स्थानीय निवासियों का ज्यादा आना-जाना नहीं है, न ही गुंजाल परिवार का सोसायटी के कार्यक्रमों में ज्यादा सक्रियता है। इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं जानते, लेकिन इतना जरूर कहा कि वहां जब भी कोई मेहमान या विजिटर्स आते हैं, वे महंगी कार से ही आते हैं। स्वयं अविनाश गुंजाल तो अक्सर बाहर ही रहते हैं, क्योंकि उनकी पदस्थापना बिलासपुर में है, इसलिए उनके बारे में ज्यादा कोई नहीं बता पा रहा है।


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कुलसचिव बना उद्योगपति, उरला में दो फैक्ट्री

कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर व इंदिरा गांधी कृषि विवि के कुलसचिव सालिकराम वर्मा के डंगनियां स्थित बंगले में सुबह 5 बजे ही एसीबी ने दबिश दी। इन्होंने कुलसचिव से लेकर उद्योगपति का सफर तय किया। सरकारी नुमाइंदे होते हुए भी इन्होंने उरला में एक स्टील फैक्टरी खोल रखी है। विभाग के आला अधिकारियों को यह पता है। इसके बावजूद वर्मा के रूतबे में कोई कमी नहीं आई। छापेमारी के बाद कृषि विवि में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ छात्रों के बीच कुलसचिव की छवि को लेकर चर्चाएं होती रही। डंगनिया स्थित निवास में उनके घर के आस-पास सूनापन रहा।

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विवादों में रहे हैं फॉरेस्ट एसडीओ साहू

कोरिया जिले में वनविभाग के एसडीओ के रूप में पदस्थ रामेश्वर साहू के राजधानी स्थित सुंदरनगर में दो मंजिला आलीशान बंगला नम्बर-377 में भी एसीबी ने सर्चिंग की। बंगले से अकूत सम्पत्ति के दस्तावेज बरामद हुए। अचानक पडे़ छापे के बाद पड़ोसियों की प्रतिक्रिया थी कि छापा तो पडऩा ही था। पड़ोसियों ने बताया कि उनके यहां अक्सर हाई प्रोफाइल पार्टियां होती थी। कुछ सालों पहले खडगंवा के रेंजर ने डीएफओ कार्यालय में शिकायत की थी कि मजदूरी भुगतान में कमीशन की मांग की गई।


300 करोड़ के घोटाले की शिकायत

समाज कल्याण विभाग में एमएल पांडे सहित दो अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग 300 करा़ेड रुपए के घोटाले की शिकायत एसीबी में हुई है। बताया जाता है कि विभाग के निदेशक को कविता पाठ का शौक है, जिसके कारण वह लेखनी में ज्यादा व्यस्त रहते हैं,उन्हें निचले अधिकारियों के भ्रष्टाचार से कोई मतलब नहीं होता।

विदेशी करेंसी भी जब्त, लगेगा फेमा

विदेशी मुद्रा रखने वाले समाज कल्याण विभाग एडिशनल डायरेक्टर एमएल पांडे के खिलाफ फेमा के तहत कार्रवाई होगी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने तलाशी में अफसर के घर से 15040 रुपए बरामद किया है। इसकी कीमत 6 लाख 31 हजार रुपए है। इसे सीज कर मामला प्रवर्तन निदेशालय को सौंपा जा रहा है। बरामद रकम के श्रोत की जानकारी नहीं देने पर आरोपी अफसर को सात साल की सजा हो सकती है। एसीबी एडीजी ने बताया कि बरामद रकम के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर मामला ईडी को सौंपा गया है।


5 देशों की करेंसी जब्त

रकम    संख्या    वास्तविक दाम
यूएस डालर    9111    610892.55
सिंगापुर डालर    60    2827.86
मलेशिया नोट    404    6076.16
चायनिस येन    115    1123.55
मारिशस नोट    5350    10058

मोबाइल में हिसाब

खर्च रकम और कुल चल-अचल संपति का पूरा हिसाब रखते है। उनके घरों के वाहनों में डलवाये जाने वाले पेट्रोल से लेकर बिजली बिल तक हिसाब है। कल्याण विभाग के धनकुबेर अफसर एमएल पांडे के मोबाइल में
चल-अचल संपत्ति और लेन-देन का रिकॉर्ड रखते हैं।

एेसे बना अधिकारी

पांडे ने अपने कार्यकाल से ही भ्रष्टाचार की शुरूआत कर दी थी। अपने से उच्च अधिकारियों को सेट कर प्रमोशन पाते रहे। जबकि उनसे सीनियर अधिकार आज भी उनसे निचले पद पर है। इसका मलाल हमेशा उन साथी अधिकारियों को रहा।

जमकर की फंडिंग

समाज कल्याण में तमाम एनजीओ के नाम पर विभाग के अधिकारी जकर फंडिंग करते हैं। जिसमें 50 फीसदी कमीशन पर काम होता है। कई एनजीओ फर्जी दस्तावेज के दम पर चल रहे हैं। बिना कमीशन के यहां एक फाइल भी नहीं सरकती।

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