CG 10th Board: जानें टॉप 10 में जगह बनाने के बाद क्या कहा होनहार छात्रों ने

Chandu Nirmalkar

Publish: Apr, 21 2017 01:29:00 (IST)

Raipur, Chhattisgarh, India
 CG 10th Board: जानें टॉप 10 में जगह बनाने के बाद क्या कहा होनहार छात्रों ने

बच्चों ने अभावों को मात देकर जोश और जुनून से पढ़ाई की और सफलता को हासिल कर लिया। इसमें बेटियां भी पूरी बराबरी से आगे बढ़ रही है

चंदू निर्मलकर/रायपुर. सीजी 10th बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं। टॉप 10 सूची में अधिकतर छोटे गांव के प्रतिभाशाली बच्चे शामिल हैं जो राजधानी और बड़े शहरों से दूर हैं। कोई किसान का बेटा है तो कोई निम्न मध्यम वर्ग परिवार से है। खास बात यह है कि टॉप 10 सूची में इस बार प्रदेश की बेटियों ने अपना स्थान बनाया है। यह बताता है कि बच्चों ने अभावों को मात देकर जोश और जुनून से पढ़ाई की और सफलता को हासिल कर लिया। इसमें बेटियां भी पूरी बराबरी से आगे बढ़ रही है। पत्रिका ने कुछ बच्चों से बात कर उनके सफलताओं के बारे में जाना है। तो आइए जानते हैं क्या कहा प्रदेश के टॉप 10 होनहार छात्रों ने...

चेतन अग्रवाल, 98.17 प्रतिशत, धमतरी

पत्रिका से बातचीत के दौरान टॉपर चेतन अग्रवाल अपने सफलता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 5 से 6 घंटे पढ़ाई करते थे। उनके पिता और मां का भी पूरा सहयोग करते थे। पिछले दिनों कांकेर जोन में आयोजित विज्ञान पहेली प्रतियोगिता में उसने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। स्काउट गाइड में उसे राज्यपाल ने भी पुरस्कृत किया है। चेतन ने अपनी इस सफलता का श्रेय मां-पिता और गुरूजनों को दिया है। वह आगे चलकर गणित विषय लेकर पढ़ाई करना चाहता है। 

डॉक्टर बनकर करेगी गरीबों की सेवा, मां का सपना करेगी पूरा: विनीता पटेल, बिलासपुर

सीजी टॉप 10 में 2 स्थान हासिल करने वाली विनिता ने बताया कि वह डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा कर अपनी मां उर्मिला पटेल का सपना पूरा करेगी। उर्मिला पटेल गृहिणी है। उसका सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन किसी कारणवश वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाई। अपने मां के सपने को पूरा करने के लिए विनिता डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती है।


छत्तीसगढ़ की पलपल खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे।


मेहनत का विकल्प नहीं लक्की देवांगन, दुर्ग

सीजी बोर्ड टॉप 10 में 4वां स्थान हासिल करने वाला लक्की देवांगन ने बताया कि वह सेल्फ स्टडी और स्कूल के शिक्षकों की मदद से यह मुकाम हासिल किया। पढ़ाई संबंधी कोई भी परेशानी हो वह अपने शिक्षकों के पास जाता और उसका समाधान ढूंढलाता। लक्की ने बताया कि सुबह अखबार बांटने के बाद जो समय बचता उसमें वह पढ़ाई करता था। स्कूल से आने के बाद भी ज्यादातर समय वह किताबों को ही देता। 


CG Board  टॉप 10 में 7वां स्थान राहुल बराई, कांकेर

पत्रिका से बातचीत में राहुल बराई ने बताया कि परिस्थितियां चाहे जो भी हों यदि मन में उल्लास है तो मंजिल आसान हो जाती है। कोई भी कार्य दुनिया में मुश्किल नहीं है। हां, यह जरूर है कि करने वाले का उस कार्य में मन लगना चाहिए। उनके पिता एक सामान्य कृषक के साथ ही एक किराने की दुकान चलाते हैं।

छत्तीसगढ़ की पलपल खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned