जमीन का मुआवजा पाने भटक रहा गरीब

praveen praveen

Publish: Nov, 29 2016 11:01:00 (IST)

Raisen, Madhya Pradesh, India
जमीन का मुआवजा पाने भटक रहा गरीब

रायसेन. जिले की बेगमगंज तहसील की ग्राम पंचायत खिरेटी के गांव बिछुआ निवासी 62 वर्षीय गोरेलाल प्रजापति लंबे अरसे से यहां से वहां आवेदन लेकर भटक रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

रायसेन. जिले की बेगमगंज तहसील की ग्राम पंचायत खिरेटी के गांव बिछुआ निवासी 62 वर्षीय गोरेलाल प्रजापति लंबे अरसे से यहां से वहां आवेदन लेकर भटक रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

   परेशान ग्रामीण डूब क्षेत्र में गई जमीन का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि 19 नवंबर को पॉलीटेक्रिक चौराहे पर लगे पुलिस वायरलेस टॉवर के ऊपर चढ़कर गोरेलाल प्रजापति का 26 वर्षीय पुत्र दामोदर प्रजापति आत्महत्या का प्रयास कर चुका है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि परेशान किसान को मुआवजा नहीं दिलवा सके। मंगलवार को जनसुनवाई में गोरेलाल के पुत्र वीरेन्द्र प्रजापति ने कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव को आवेदन सौंपा। आवेदन में बताया कि उनके परिजनों द्वारा वर्ष 1970 से बंजर पड़ी पांच एकड़ शासकीय भूमि को उपजाऊ बनाकर खेती की जा रही थी। इससे उनके परिवार का भरण पोषण हो रहा था। इस भूमि का वर्ष 1975 में पट्टा भी मिल चुका है और तभी से 1980-81 तक निरंतर प्रीमियम भी जमा किया गया। 

पटवारी ने धोखे में रखकर लिया पट्टा
लेकिन एक दिन तत्कालीन पटवारी ने नया पट्टा बनाने के नाम पर पट्टा वापस ले लिया और आज तक वह पट्टा एवं ऋण पुस्तिका वापस नहीं मिल सकी। ïïपट्टा लेने के लिए कई बार तहसील में आवेदन दिया। लेकिन पट्टा नहीं मिला और बाद में वह जमीन भी सेमरी जलाशय निर्माण के डूब क्षेत्र में चली गई। इसके बाद आज तक उक्त भूमि का मुआवजा नहीं मिल सका।

बैंक ने कहा सब्सिडी नहीं तो भुगतान नहीं
ग्राम सिरसोदा निवासी रामकिशन ने कलेक्टर जाटव को बताया कि उसने ग्राम सिरसोदा का तालाब मत्स्य पालन के लिए लीज पर लिया है। इसके लिए सेन्ट्रल बैंक शाखा रायसेन से तीन लाख रुपए का ऋ ण स्वीकृत किया गया था और अभी तक दो लाख रुपए ही दिए गए हैं। बैंक द्वारा शेष एक लाख रुपए मत्स्य विभाग से अनुदान राशि आने के बाद देने के लिए कहा जा रहा है। विभाग में सम्पर्क करने पर बताया गया कि अनुदान राशि बैंक भेज दी गई हैं। इसके बाद भी बैंक द्वारा बाकी एक लाख रूपए का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर जाटव ने जिला मत्स्य अधिकारी को इस संबंध में जांच कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान पेंशन, अतिक्रमण, अवैध कब्जा, बीमारी में सहायता, बैंक लोन, नामांतरण, बंटवारा, बीपीएल राशन कार्ड, विद्युत समस्याएं, आपसी विवाद संबंधी 92 आवेदन प्राप्त हुए।

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