तो खराब कांटों से तोले जा रहे थे कुपोषित बच्चे, पहली बार जांचे

veerendra singh

Publish: Jan, 13 2017 11:29:00 (IST)

Rajgarh, Madhya Pradesh, India
तो खराब कांटों से तोले जा रहे थे कुपोषित बच्चे, पहली बार जांचे

शिविर में आए खराब कांटे अभी तक इन्हीं से लिया जा रहा था कुपोषित बच्चों का वजन


ब्यावरा.
आम तौर पर विवादों में रहने वाले नाप तौल विभाग की एजेंसी ने शुक्रवार को पुराना अस्पताल परिसर में शिविर लगाकर भले ही जिम्मेदारी निभा ली हो, लेकिन इसके बहाने महिला बाल विकास विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अभी तक विभाग की आंगनबाडिय़ों में खराब और संभावित ठीक कांटों से ही कुपोषित बच्चों को तौला जा रहा था।

दरअसल, पहली बार आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपयोग में लिए जाने वाले तोल कांटों को जांचा गया। इसमें कई काटों में गड़बड़ी निकली, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी तक भगवान भरोसे काम चल रहा था। पहली बार लगे शिविर में भी बवाल की स्थिति नाप तौल की एजेंसी द्वारा लिएजा रहे 60 रुपए को लेकर हो गया। इसमें विभाग का दावा है कि उस राशि का खर्चहम उठाएंगे और तदर्थ समिति से पेमेंट होगा। लेकिन मौके पर महिलाओं से ही उक्त राशिनगदी ली गई। इस बात पर काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही। विभागीय कर्मचारियों ने उन्हें समझाया। महिला बाल विकास के कर्मचारियों ने बताया कि हम जो कांटे खराब होते हैं उन्हें बदल देते हैं। अब नाप तौल द्वारा पहली बार जांच की गईहै, इसमें जो गड़बड़ी मिलेगी उसे ठीक करवा दिया जाएगा। जहां तक सवाल तदर्थ समिति से पेमेंट का है हम खुद विभागीय स्तर वह राशिदिलवाएंगे।

मौके पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि तदर्थ समिति में राशि निकालने में काफी दिक्कतें आती हैं।हम लोग खुलकर विरोध करें तो नौकरी जाने का डर लगता है। विभागीय स्तर पर हमें बेहतर जानकारी ही नहीं दी जाती, ऐसे में आधे कार्यकर्तातो डर के मारे बोल ही नहीं रहे हैं। कई तरह की दिक्कत समिति में आती है, लेकिन कोईबोलने को तैयार नहीं है। बड़ी संख्या में पहुंची ब्यावरा क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कांटे का प्रमाणीकरण करवाया, इसमें कईखराब कांटे भी सामने आए, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना जांच के भगवान भरोसे इन कांटों से ही कुपोषित बच्चों का वजन जांचा जा रहा था।

60 रुपए लेने का प्रवधान विभागीय स्तर का है, इसके लिएगजट नोटिफिकेशन में भी उल्लेख है। महिला बाल विकास के कांटे यदि जांचे जा रहे हैं तो उन्हें रसीद दी जा रही है। वह पैमेंट विभाग करेगा या कार्यकर्ताखुद देंगी इसमें कुछ नहीं कह सकते। -एस. एस. मीणा, जिला नाप-तौलअधिकारी, राजगढ़

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