एचआईवी से अब तक 32 लोगों की हो चुकी मौत

Rajgarh, Madhya Pradesh, India
एचआईवी से अब तक 32 लोगों की हो चुकी मौत

जिलेभर में मिल चुके हैं एचआईवी पॉजिटीव के 154 मरीज


राजगढ़.
हर साल एचआईवी को खत्म करने के लिए सरकार लाखों रुपए का बजट जारी करता है, लेकिन एड्स के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाए। इसके लिए एक दिसंबर को ही कुछ कार्यक्रम नजर आते है। हालात यह है कि हर साल एड्स पीडि़तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जिसमें से इसी साल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि वर्ष 2002 से अब तक 32 लोग मौत के गाल में समा चुके है। खास बात यह है कि पहले यह बीमारी व्यस्क महिला-पुरुष में ही नजर आ रही थी, लेकिन अब तो इसके शिकार बच्चे भी होने लगे है। अब तक सात बच्चे जिले में एड्स पीडि़त चिंहित किए जा चुके है, जो या तो गलत सीरीज या फिर माता-पिता के कारण इस बीमारी से जूझ रहे है।

 कल विश्व एड्स दिवस है और कल ही एड्स को खत्म करने के लिए कुछ जागरूकता रैली या फिर छुटपुट कार्यशालाओं का आयोजन होगा, लेकिन यह आयोजन भी जिले तक ही सीमित रह जाते है। जबकि जिन गांवों को रेड लाइट एरिया के रूप में चिंहित किया गया है। वहां तक इस तरह के कोई जागरूकता से संबंधित आयोजन नहीं होते। जबकि महिला बाल विकास हो या स्वास्थ्य विभाग इन्हें इस धंधे से दूर करने के लिए कई तरह के बजट आते है, लेकिन वर्षो से वेश्यावृत्ति में लिप्त विभिन्न गांवों के कुछ परिवारों को अभी तक कोई प्रयास इन्हें इस धंधे से दूर नहीं कर पाया है।

वर्ष 2014 में सबसे ज्यादा मरीज: जिले में आईसीटीसी केन्द्र वर्ष 2002 से संचालित हो रहा है। जहां 36537 मरीजों की जांच अभी तक की जा चुकी है। इनमें 154 को एचआईवी पॉजिटीव पाया गया। साल-दर-साल मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। हालात यह है कि वर्ष 2014 में 29 मरीज एड्स पीडि़त सामने आए थे। इसके बाद 19 मरीज इस साल भी नए मिले है।
अभी भी लिप्त है धंधे से
अभी भी जिले में ऐसे कई गांव है। जिनमें महिलाएं देह व्यापार का काम कर रही है। इनमें नरसिंहगढ़, राजगढ़ और सुठालिया के आसपास के कुछ गांव शामिल है। जिनमें प्रशासन ने इनके विवाह तक करा दिए, लेकिन अभी भी यह धंधा बंद नहीं हो सका।
वर्षवार बढ़ते मरीज
वर्ष         मरीज
2002    01
2003    03
2004    05
2005    07
2006    02
2007    08
2008    10
2009    08
2010    10
2011    11
2012    14
2013    12
2014    29
2015    15
2016    19
एड्स दिवस पर जागरूकता के लिए गांवों में तो कोई आयोजन नहीं है, लेकिन प्रत्येक ब्लाक में जागरूकता को लेकर परिचर्चा आदि के आयोजन किए जाएंगे। राजगढ़ में एक रैली निकाली जाएगी।
डॉ.एसएल मित्तल, आरसीटीसी प्रभारी राजगढ़

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