@Indian Railway- आठ सेक्शन, 33 खतरे के निशान, फिर भी तेज दौड़ रही ट्रेनें

Ratlam, Madhya Pradesh, India
@Indian Railway- आठ सेक्शन, 33 खतरे के निशान, फिर भी तेज दौड़ रही ट्रेनें

रेल मंडल में इंदौर-पटना ट्रेन की दुर्घटना व इस वर्ष सबसे अधिक ट्रेनों के बे-पटरी होने के बाद भी सबक नहीं ले रहा है।


आशीष पाठक

रतलाम।  रेल मंडल में इंदौर-पटना ट्रेन की दुर्घटना व इस वर्ष सबसे अधिक ट्रेनों के बे-पटरी होने के बाद भी सबक नहीं ले रहा है। यहां अलग-अलग मिलाकर 8 सेक्शन में संरक्षा विभाग ने 33 खतरे वाले निशान चिन्हित किए, लेकिन अब रेलवे ने गलती छिपाने के लिए सुधार के बजाए ट्रेन को सतर्कता से चलाने के निर्देश मात्र जारी कर दिए। रेलवे की तकनीकी भाषा  में इसको कॉशन आर्डर कहा जाता है। इन सब के बीच ट्रेनें पूर्व की तरह तेज दौड़ रही है। 

कोई भी पटरी या उससे जुडे़ संसाधन खराब होने पर सतर्कता के आदेश जारी किए जाते हैं। रतलाम से धौंसवास के बीच का 5.7 किमी लंबा क्यू ट्रैक का निर्माण जुलाई में हुआ। अगस्त में पश्चिम रेलवे के संरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा ने पहली बार निरीक्षण किया। इस पर अब तक मालगाड़ी ही चल रही है व यात्री ट्रेन के चलने की शुरुआत तक नहीं हुई है। छह माह पूर्व बने 5.1 किमी लंबे सेक्शन में 5 स्थान पर ट्रेन चालक के लिए सतर्कता के निर्देश जारी हो गए है।  इससे अब सवाल उठ खडे़ हुए हैं कि ट्रैक कितनी गुणवत्ता वाला डाला गया।

इसलिए जारी होता कॉशन आर्डर

- जब सेक्शन में पटरी पुरानी हो गई हो।
- जब सेक्शन में स्लीपर पुराने हो गए हो।
- जब सेक्शन में पटरी के जोड़ पुराने हो गए हो।
- जब पटरी के जोड़ के स्प्रिंग पुराने हो गए हो।
- जब कही पटरी या रेल से संबधित किसी प्रकार का बदलाव कार्य चल रहा हो। 

यहां के लिए जारी किए सतर्कता के निर्देश 

सेक्शन              ट्रेन   मालगाड़ी 
रतलाम- गोधरा   5 5
गोधरा- बड़ोदरा         1 1
रतलाम- कोटा        7 8
रतलाम- उज्जैन 1 1
उज्जैन- बैरागढ़ - -       4
रतलाम-चित्तौडग़ढ़ 7
रतलाम-इंदौर         2 2
क्यू टै्रक                 5 5

समय पर दुरस्त करें

 संरक्षा विभाग सतर्कता आदेश जारी करता है। इंजीनियरिंग विभाग की जिम्मेदारी है कि वे निरीक्षण कर समय पर दुरस्त करें। समय पर रखरखाव नहीं होने पर ही ट्रेन की दुर्घटना होती है।

- एसबी श्रीवास्तव, रेलवे में संरक्षा मामलों के जानकार

 ध्यान रखना रेलवे का दायित्व 

समय-समय पर ट्रैक का रखरखाव आदि कार्य किया जाता है। कॉशन आर्डर जारी होने से ट्रेन को कम गति से चलाने से दुर्घटना नहीं होती है। संरक्षा व सुरक्षा पर पूरा ध्यान रखना रेलवे का दायित्व है।

 - जेके जयंत, जनसपंर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

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