लहसुन बीज अनुदान के नाम पर किसानों  के साथ धोखा

vikram ahirwar

Publish: Jan, 14 2017 11:10:00 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
लहसुन बीज अनुदान के नाम पर किसानों  के साथ धोखा

रतलाम के ग्राम मथुरी में राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र इंदौर के क्षेत्रीय अधिकारी को घेरा, उद्यानिकी विभाग की मसाला क्षेत्र विस्तार योजनान्तर्गत ग्राम मथुरी के 20 किसानों ने खरीदा था 100 क्विंटल से बीज, 6.5 लाख रुपए मिलना था अनुदान


रतलाम। लहसुन बीज अनुदान के नाम पर ग्राम मथुरी के 20 किसानों के साथ राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र इंदौर के अधिकारियों द्वारा धोखा किया गया। इससे नाराज किसानों ने क्षेत्रिय अधिकारी को गांव पहुंचने पर घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक नहीं जाने दिया। उद्यानिकी विभाग की मसाला क्षेत्र विस्तार योजनान्तर्गत केंद्रीय सरकार की संस्था राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र इंदौर द्वारा अनुदान के नाम पर धोखा देने से नाराज किसानों ने शुक्रवार सुबह मथुरी में क्षेत्रीय अधिकारी एचएम सिंग को घेर लिया।
मामला गांव के करीब 20 किसानों द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों के कहने पर 13 हजार रु. क्विंटल के भाव से लहसुन बीज अनुसंधान से खरीदा था। इसका उन्हे 6.5 लाख रुपए अनुदान मिलना था, लेकिन जब कृषक बिल लेने गए तो अनुसंधान अधिकारियों ने 18 हजार रु. क्विंटल का बिल थमा दिया और अनुदान का स्पष्ट मना कर दिया। नाराज किसानों शुक्रवार को क्षेत्रीय अधिकारी को करीब ढाई घंटे तक गांव में घेरे रखा। उद्यान अधीक्षक एसपीएस शर्मा के आने पर वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर सोमवार को बात करने की समझाईश पर सशर्त अधिकारी को छोड़ा।
13 के स्थान पर थमाया 18 हजार प्रति क्विंटल का बिल
किसानों ने बताया कि डोसीगांव उद्यान अधीक्षक एसपीएस शर्मा से चर्चा कर इंदौर अनुसंधान से 13 हजार रुपए क्विंटल का नगद राशि देकर बीज लेकर आए थे, लेकिन जब एक माह बाद बिल दिया 18 हजार रुपए क्विंटल का और अनुदान की राशि कुछ भी नहीं। उद्यान विभाग से लेकर अनुसंधान अधिकारी तक आना-कानी कर सही जबाव देने को तैयार नहीं है, हमारे साथ योजना के नाम पर सीधा धोखा किया गया।

हमारे साथ धोखा किया...
मथुरी के कृषक बद्रीलाल पाटीदार, जगदीश पाटीदर, दशरथ पाटीदार, मनोहर पाटीदार, समरथ पाटीदार ने बताया कि फलोउद्यान विभाग के डोसीगांव वाले शर्मा यहां आए थे। उन्होंने कहा योजनान्तर्गत लहसुन 50 प्रतिशत अनुदान पर मिल रही है, आपको इंदौर अनुसंधान से लाना होगा। इंदौर में अधिकारी नहरसिंह यादव ने 13 हजार रु. प्रति क्विंटल पर लहसुन दी। उस समय बील नहीं दिया। अनुदान की बात आई तो उद्यान विभाग ने बिल मांगे इस पर किसान को इदौर गए और बिल लेकर आए तो उसमें 18 हजार रुपए क्विंटल की लहसुन दर्शाई गई और कहा कि अनुदान दे दिया अब नहीं मिलेगा।

लहसुन खरीदी में
20 ग्राम मथुरी के किसानों ने लिया था बीज
6.5 लाख रुपए का मिलना था अनुदान
100 क्विंटल खरीदा था लहसुन बीज
13 लाख रुपए का किया नगद भुगतान
13 के स्थान पर 18 हजार क्विंटल का थमाया बिल

वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा पत्र
मसाला क्षेत्र विस्तार योजनान्तर्गत 22.75 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 25 किसानों ने केंद्र सरकार की संस्था राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र इंदौर से 114 क्विंटल लहसुन बीज 13 हजार रुपए क्विंटल के मान से नगद राशि देकर खरीदा था। इस पर विभाग की और से प्रति हेक्टेयर 45 हजार रुपए का अनुदान था। किसानों को अनुसंधान अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी और बाद में 18 हजार का बिल थमाया। किसानों को अनुदान रूक गया है। इस संबंध में हमने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है।
रतनसिंह कटारा, डीडीए, उद्यान विभाग, रतलाम

मैं कुछ नहीं कर सकता
इंदौर अनुसंधान केंद्र से ग्राम मथुरी आए क्षेत्रीय अधिकारी एचएम सिंग ने बताया कि मैं इस संबंध में कुछ नहीं कर सकता। वरिष्ठ अधिकारियों से बात करा सकता हूं, जो भी करेंगे वे ही करेंगे, आप पांच-छह किसान इंदौर आकर अनुसंधान के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करें।


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