पंचायत पर ताला लगाने वालों पर दर्ज करें प्रकरण

vikram ahirwar

Publish: Jan, 13 2017 09:00:00 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
पंचायत पर ताला लगाने वालों पर दर्ज करें प्रकरण

कलेक्टर ने अधिकारियों को याद दिलाए काम, एनआईसी कक्ष में ली राजस्व अधिकारियों की ली क्लास


रतलाम। जिले में अधिकारियों द्वारा ठीक तरह से काम नहीं करने से नाराज कलेक्टर ने शुक्रवार को बैठक बुलाई। एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों सहित अन्य अधिकारियों को काम याद दिलाए। कलेक्टर ने बीते दिनों बार-बार दिए निर्देशों के बाद भी स्वच्छता अभियान के अवरोधक बने लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर असंतोष व्यक्त किया। भू-खंड प्रमाण पत्रों को तैयार करने में आ रही दिक्कतों पर कहा कि हड़ताल होने पर पंचायतों पर लगे तालों को तोड़ दें।

बैठक में भू-भाटक, डायवर्सन सहित अन्य वसुलियों में प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने सभी डिफ ाल्टरों को नोटिस जारी कर वसूली करने के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि डायवर्सन और भूभाटक संबंधी वसूली शत-प्रतिशत की जाना सुनिश्चित करें।

चरनोई की हो सकती है भूमि
ऐसी भूमि पर जहां विगत कई वर्षों से लोग एक साथ मकान बनाकर रह रहे हो लेकिन वह अब तक वह आबादी भूमि में दर्ज नहीं हुई हैं, उसे आबादी भूमि घोषित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए है। आबादी भूमि उतने ही स्थान को घोषित की जाए, जितने पर उनका मकान बना हुआ है, शेष भूमि को नहीं। ऐसी भूमियां शासकीय भूमि व चरनोई की जमीन भी हो सकती है।

बिना सत्यापन कैसे निकल रहा वेतन
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक में एसडीएम से पड़ताल की, कि क्या पटवारियों द्वारा नियत समय व स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराई जा रही हैं। जावरा को छोड़ अन्य किसी के भी द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर कलेक्टर ने पूछा की भू-अभिलेख नियमावली में स्पष्ट निर्देश होने के बाद भी बिना सत्यापन के पटवारियों का वेतन कैसे निकाला जा रहा है। कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि यदि राजस्व निरीक्षकों द्वारा उपस्थिति का सत्यापन नहीं किया जाता हैं, तो राजस्व निरीक्षकों का वेतन का आहरण नहीं किया जाए।

तो सचिवों पर करें कार्रवाई
बैठक में रतलाम तहसीलदार अजय हिंगे ने भू-खंड प्रमाण पत्रों को तैयार करने में आ रही दिक्कतों को बताया। इसमें पड़ताल करने पर पता चला कि सचिवों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण ग्राम पंचायतों में ताला लगा हुआ हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों के पास ऐसी पंचायतों का प्रभार अनिवार्य रूप से होना चाहिए। फि र भी यदि पंचायतों में सचिवों द्वारा ताला लगाया गया हैं, तो उन तालों को तोड़ दें और ताला लगाने वालों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा संबंधित प्रकरण दर्ज करें। बैठक में एडीएम डॉ. कैलाश बुंदेला, एसडीएम जावरा अनुपसिंह, एसडीएम सैलाना आरपी वर्मा, एसडीएम आलोट वीरसिंह चैहान सहित सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

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